द्रव्यवती नदी परियोजना पर जेडीए सख्त,अब पूरे प्रोजेक्ट की होगी हिस्सेवार जांच

Rajasthan

रिपोर्ट:हर्षित नागदा

जयपुर। राजधानी जयपुर की महत्वाकांक्षी द्रव्यवती नदी परियोजना को लेकर जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने सख्ती बढ़ा दी है। परियोजना की मौजूदा स्थिति और चल रहे कार्यों की गुणवत्ता को परखने के लिए नदी के अलग-अलग हिस्सों की हिस्सेवार यानी स्ट्रेच-वाइज जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं।

हर हिस्से की जमीनी स्थिति की होगी जांच

जेडीए की ओर से कराई जाने वाली जांच में द्रव्यवती नदी के अलग-अलग हिस्सों में किए गए कार्यों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया जाएगा। अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से परियोजना के तहत चल रहे कार्यों और उनकी गुणवत्ता पर रहेगा।

यह निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि परियोजना की मौजूदा स्थिति को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। जेडीए अब जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन कर आगे की कार्रवाई तय करने की दिशा में बढ़ रहा है।

करीब 47.5 किलोमीटर लंबी नदी पर हुआ था बड़ा प्रोजेक्ट

जेडीए के अनुसार द्रव्यवती नदी को पुनर्जीवित करने की परियोजना के तहत लगभग 47.5 किलोमीटर लंबे हिस्से को विकसित करने की योजना बनाई गई थी। परियोजना में नदी के पुनरुद्धार के साथ-साथ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, चेक डैम, हरित क्षेत्र तथा पैदल और साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाएं भी शामिल थीं।

नए काम भी प्रस्तावित

द्रव्यवती नदी से जुड़े विकास कार्यों का सिलसिला अभी भी जारी है। जेडीए ने वर्ष 2026 में नदी पर विभिन्न स्थानों पर आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट के निर्माण से जुड़े टेंडर भी जारी किए हैं। इसके अलावा नदी के किनारे प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए पर्यावरण, हाइड्रोलॉजी और सुरक्षा संबंधी पहलुओं को शामिल करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की सलाहकार सेवा के लिए भी टेंडर जारी किया गया है।

जांच के बाद तस्वीर होगी साफ

स्ट्रेच-वाइज निरीक्षण के बाद परियोजना के अलग-अलग हिस्सों की वास्तविक स्थिति सामने आने की उम्मीद है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन स्थानों पर रखरखाव, मरम्मत या अतिरिक्त कार्य की आवश्यकता है।

अब सबकी नजर जेडीए की इस जांच के नतीजों पर है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर द्रव्यवती नदी परियोजना को लेकर आगे की कार्ययोजना और आवश्यक सुधारों पर फैसला लिया जा सकता है।