जोधपुर प्रसूता स्वास्थ्य मामला:सरकार अलर्ट,प्रमुख शासन सचिव ने अस्पतालों का किया दौरा

Jodhpur Rajasthan

जोधपुर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने के मामले को लेकर राजस्थान सरकार ने निगरानी तेज कर दी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने एम्स, पावटा जिला अस्पताल और उम्मेद चिकित्सालय का दौरा कर इलाज और व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

गायत्री राठौड़ ने सबसे पहले एम्स जोधपुर पहुंचकर भर्ती दो गंभीर प्रसूताओं के उपचार की प्रगति की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने पावटा अस्पताल में भर्ती छह महिलाओं से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी और डॉक्टरों को चौबीसों घंटे निगरानी तथा बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उम्मेद चिकित्सालय के निरीक्षण के दौरान उन्होंने लेबर रूम, ऑपरेशन थिएटर और पोस्ट-ऑपरेटिव वार्ड की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मानक चिकित्सा प्रोटोकॉल (SOP) की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाएगी और सेल्फ ऑडिट के जरिए कमियों की पहचान कर उन्हें दूर किया जाएगा।

समीक्षा बैठक में गर्भवती और प्रसूता महिलाओं की नियमित जांच, एनीमिया स्क्रीनिंग और फॉलो-अप को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। साथ ही अस्पतालों में दवाओं, उपकरणों, ICU और ऑपरेशन थिएटर की उपलब्धता और फायर सेफ्टी व इलेक्ट्रिकल सिस्टम की जांच पर भी जोर दिया गया।

सरकार का कहना है कि मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण इलाज सर्वोच्च प्राथमिकता है, जबकि पूरे मामले की उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।