राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल,26 IAS और 53 RAS अफसरों के तबादले;निकाय चुनाव से पहले आदेश जारी

Jaipur Rajasthan

जयपुर। राजस्थान सरकार ने निकाय चुनावों की आचार संहिता लागू होने से पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। कार्मिक विभाग ने देर रात 26 IAS और 53 RAS अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसके अलावा प्रशिक्षणाधीन IAS अधिकारियों को अलग-अलग जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों में ओएसडी के पद पर तैनाती दी गई है।

तबादला आदेश ऐसे समय जारी हुए हैं, जब शहरी निकाय चुनावों की आचार संहिता जल्द लागू होने की संभावना जताई जा रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने एक ही स्थान पर तीन साल या उससे अधिक समय से तैनात अधिकारियों को हटाने के निर्देश दिए थे।

प्रशिक्षणाधीन IAS को जिला निर्वाचन कार्यालयों में जिम्मेदारी

प्रशिक्षणाधीन IAS अधिकारियों को विभिन्न जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालयों में विशेषाधिकारी/ओएसडी के पद पर लगाया गया है। इनमें अदिति वार्ष्णेय को अलवर, सृष्टि डबास को कोटा, ऐश्वर्यम प्रजापति को खैरथल-तिजारा, मेधा आनंद को भीलवाड़ा, स्वाति शर्मा को बीकानेर, नेहा उद्धवसिंह राजपूत को अजमेर, मोहन लाल को जोधपुर, रविंद्र कुमार मेघवाल को चित्तौड़गढ़, चौधरी बिरजू गोपाल को पाली, अदिति यादव को उदयपुर, मृणाल कुमार को जयपुर, आराधना चौहान को श्रीगंगानगर, रोहित वर्मा को जैसलमेर और भानु शर्मा को भरतपुर में तैनाती दी गई है।

कई IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी

तबादला सूची में कई वरिष्ठ और युवा IAS अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। डॉ. अंशु प्रिया को सरदार पटेल पुलिस विश्वविद्यालय, जोधपुर का रजिस्ट्रार बनाया गया है, जबकि सक्षम गोयल को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग में संयुक्त शासन सचिव लगाया गया है।

श्रद्धा गोमे को हनुमानगढ़ जिला परिषद का CEO, मोहित कासनिया को सवाई माधोपुर जिला परिषद का CEO और भैसारे शुभम अशोक को जयपुर जिला परिषद का CEO बनाया गया है।

इसी तरह सोनिका कुमारी को वाणिज्यिक कर विभाग में अतिरिक्त आयुक्त, श्रेष्ठा श्री को धौलपुर जिला परिषद का CEO, चारू को बूंदी जिला परिषद का CEO और प्रतिभा दहिया को करौली जिला परिषद का CEO नियुक्त किया गया है।

राहुल श्रीवास्तव को माउंट आबू का उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट और सोनू कुमारी को झालावाड़ का उपखंड अधिकारी एवं उपखंड मजिस्ट्रेट बनाया गया है।

विकास प्राधिकरणों में भी बदलाव

सरकार ने कई विकास प्राधिकरणों और स्थानीय निकायों में भी अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली हैं। अजमेर विकास प्राधिकरण की आयुक्त नित्या के को ऊर्जा विभाग में संयुक्त सचिव बनाया गया है। जैसलमेर जिला परिषद की CEO रश्मि रानी को अजमेर विकास प्राधिकरण का आयुक्त नियुक्त किया गया है।

श्रीगंगानगर जिला परिषद के CEO गिरधर को भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (BIDA) का CEO बनाया गया है।

जोधपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त उत्साह चौधरी को आपदा प्रबंधन विभाग में संयुक्त सचिव की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं अलवर UIT की सचिव धायगुड़े स्नेह नाना को बीकानेर विकास प्राधिकरण का आयुक्त बनाया गया है।

सवाई माधोपुर जिला परिषद के CEO गौरव बुडानिया को अजमेर नगर निगम का आयुक्त और अलवर जिला परिषद के CEO शालुखे गौरव रविंद्र को भीलवाड़ा UIT का सचिव नियुक्त किया गया है।

APO चल रहे IAS अधिकारियों को भी पोस्टिंग

सरकार ने APO चल रहे IAS अधिकारियों में से कई को नई जिम्मेदारी दी है। ललित गोयल को PWD में संयुक्त सचिव, अभिषेक जैन को श्रीगंगानगर जिला परिषद का CEO, प्रीतम कुमार को उदयपुर जिला परिषद का CEO, सक्षम गोयल को जलदाय विभाग में संयुक्त सचिव, भैसारे शुभम अशोक को जयपुर जिला परिषद का CEO और प्रतिभा दहिया को करौली जिला परिषद का CEO बनाया गया है।

राजस्थान यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार समेत कई RAS अधिकारियों पर भी कार्रवाई

रेवेन्यू बोर्ड के अतिरिक्त निबंधक कैलाश चंद शर्मा का तबादला राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव पद पर किया गया है। यह पद लंबे समय से खाली था।

ऊर्जा राज्य मंत्री हीरालाल नागर के विशेष सहायक रहे कालूराम को राजस्थान यूनिवर्सिटी का रजिस्ट्रार बनाया गया है। उन्हें 12 अगस्त को मंत्री के SA पद पर रहते हुए APO किया गया था।

वहीं राजस्थान यूनिवर्सिटी की रजिस्ट्रार आशु चौधरी, राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल की सचिव रंजीता गौतम और GAD जोधपुर के प्रोटोकॉल अधिकारी सुरेश कुमार राव को APO किया गया है।

रंजीता गौतम की जगह करौली के ADM महावीर सिंह-2 को राजस्थान पाठ्यपुस्तक मंडल, जयपुर का सचिव नियुक्त किया गया है।

आचार संहिता से पहले तत्काल जॉइनिंग के निर्देश

सरकार ने तबादला किए गए RAS अधिकारियों को नई जगह तत्काल जॉइन करने के निर्देश दिए हैं। सभी कलेक्टरों और विभागाध्यक्षों से कहा गया है कि वे तबादला किए गए अधिकारियों को तुरंत रिलीव करें।

अधिकारियों को नई पोस्टिंग पर समय पर जॉइन नहीं करने की स्थिति में कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। माना जा रहा है कि निकाय चुनावों की आचार संहिता जल्द लागू होने की संभावना के चलते सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल को तेजी से पूरा किया है।