केरल में चुनाव से पहले सियासी बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर निशाना साधते हुए ऐसा बयान दिया, जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो सकता है।
रैली को संबोधित करते हुए खड़गे ने कहा कि केरल के लोग शिक्षित और जागरूक हैं, इसलिए उन्हें गुमराह नहीं किया जा सकता, जबकि अन्य जगहों पर ऐसा संभव हो सकता है। उनके इस बयान को गुजरात के मतदाताओं के संदर्भ में देखा जा रहा है।
खड़गे ने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री विजयन पर सत्ता को केंद्रीकृत रखने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) के बीच कथित मिलीभगत है, ताकि कांग्रेस को सत्ता से दूर रखा जा सके।
कांग्रेस अध्यक्ष ने एलडीएफ सरकार पर भ्रष्टाचार और घोटालों, जैसे सोना तस्करी मामले, को लेकर भी आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में चाय और इलायची के बागान से जुड़े कामगारों की स्थिति खराब है और कई बागान बंद हो रहे हैं।
उन्होंने यह भी वादा किया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो मजदूरों को बेहतर वेतन, समय पर लाभ और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित किया जाएगा।केरल में मतदान 9 अप्रैल को होना है, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

