मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में अदालत ने बुधवार, 14 अक्टूबर को मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मौत की सजा सुनाई। दोनों पर सौरभ राजपूत की हत्या करने और सबूत मिटाने का आरोप था। अदालत ने दोनों को अलग-अलग धाराओं में कुल 70 हजार रुपये जुर्माना भरने का भी आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष के वकील कृष्ण कुमार दुबे के मुताबिक, अदालत ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 302 के तहत 50 हजार रुपये और धारा 238A के तहत 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। उन्होंने फैसले को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष ने अदालत में ऐसे साक्ष्य पेश किए, जिनसे दोनों की भूमिका साबित हुई।
जज ने कहा- नृशंस हत्या के लिए माफी स्वीकार नहीं
सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत से जोड़ा गया। सुनवाई के दौरान दोनों रोने लगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, जज ने मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी है और क्या सजा चाहती है। इस पर मुस्कान ने अपनी बच्चियों का ख्याल रखने की बात कही। इसके बाद वह खामोश हो गई। साहिल से भी यही सवाल किया गया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया।
फैसला सुनाते हुए जज ने कहा, “अधर्म के काम पर सजा देना धर्म होता है। मुस्कान-साहिल, आप दोनों ने ही सौरभ की नृशंस हत्या की है। इसलिए माफी स्वीकार नहीं होगी।”
सौरभ की मां बोलीं- शांति से न्याय मिल गया
फैसले के बाद सौरभ राजपूत की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया है।
सौरभ 29 वर्षीय पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी थे। उनकी हत्या 3 मार्च, 2025 को हुई थी। अभियोजन के मुताबिक, मुस्कान और साहिल ने हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए और उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया। शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट का घोल भी डाला गया था।
इसी वजह से यह मामला ‘ब्लू ड्रम मर्डर केस’ के नाम से चर्चित हुआ।
अभियोजन पक्ष ने इसे सुनियोजित हत्या बताया
अभियोजन पक्ष के वकील कृष्ण कुमार दुबे ने कहा कि बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि हत्या का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और दोनों आरोपियों की बेटियां हैं। हालांकि, उनके मुताबिक, अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों ने आरोपियों की भूमिका साबित की।
दुबे ने हत्या को सुनियोजित साजिश बताते हुए कहा कि सौरभ की हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि किसी महिला को मौत की सजा सुनाया जाना इस मामले को विशेष बनाता है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में 22 गवाह पेश किए गए थे। सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके स्कूल के समय के परिचित साहिल शुक्ला पर मिलकर हत्या की साजिश रचने और शव छिपाने का आरोप था।
बेटी की देखभाल को लेकर भी चर्चा
सजा सुनाए जाने के समय मुस्कान की गोद में उसकी 10 महीने की बेटी मन्नत उर्फ राधा भी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची का जन्म उस समय हुआ था, जब मुस्कान जेल में थी।
अभियोजन पक्ष के वकील ने कहा कि बच्ची छह साल की उम्र तक अपनी मां के साथ रह सकती है। हालांकि, बच्ची की देखभाल और अभिरक्षा को लेकर अंतिम व्यवस्था क्या होगी, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अदालत के फैसले के बाद इस चर्चित हत्याकांड में दोनों आरोपियों को मौत की सजा सुनाई गई है। आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील की स्थिति के बारे में उपलब्ध जानकारी में कोई विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

