कोटा। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर खैराबाद पंचायत समिति के सहरावदा एवं खीमच ग्राम पंचायत में शिविरों का निरीक्षण करने के बाद अचानक 4: 30 लाडपुरा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत मंडाना के ग्रामीण सेवा शिविर में पहुंचे। शिविर में उपस्थित कर्मचारी घर जाने की तैयारी में थे। नायब तहसीलदार अनुराग शर्मा और अतिरिक्त विकास अधिकारी सत्येंद्र मीणा उपस्थित थे।
मंत्री दिलावर ने विभाग वार एक एक करके शिविर में किए गए कार्यों की जानकारी लेना शुरू किया तो, अधिकारी जवाब नहीं दे पाए।
रसद विभाग का कोई अधिकारी शिविर में नहीं था। राशन डीलर शिविर में बैठे थे।बिजली विभाग के ए ई एन छुट्टी पर थे। मंत्री ने पूछा शिविर के दौरान छुट्टी किसने दी।
मंत्री दिलावर ने कहा कि शिविर लगाने के पीछे सरकार की मंशा ग्रामीण जनता को मौके पर राहत देना है। केवल आवेदन लेकर बसता बांधकर घर के जाने के लिए शिविर नहीं लगाए जा रहे है।
मंत्री ने जिला कलेक्टर पीयूष सामरिया को फोन कर शिविर की अव्यवस्थाओं से अवगत करवाया और शिविर में अधिकारियों को अनिवार्य उपस्थिति के लिए पाबंद करने को कहा।
मंत्री दिलावर ने कलेक्टर को कहा कि आप भी अचानक शिविरों का निरीक्षण करे तथा अन्य अधिकारियों को भी शिविरों के निरीक्षण के लिए भेजे।
मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि मेरी विधानसभा में लाडपुरा पंचायत समिति की 4 ग्राम पंचायतें आती है। यदि इसी तरह शिविर हुआ तो में चारों पंचायतों में दुबारा शिविर आयोजित करवाऊंगा।
मंत्री दिलावर ने ग्राम विकास अधिकारी दुर्गेश नंदनी को ग्राम पंचायत का कार्यवाही रजिस्टर लाने को कहा। जिस पर ग्राम विकास अधिकारी ने कहा कि ऑडिट के कारण पंचायत समिति कार्यालय में जमा है।
मंत्री मदन दिलावर देर शाम 6:45 तक शिविर स्थल के बाहर बैठे रहे और शिविर को लेकर निर्देश देते रहे। मंत्री ने पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव जोगाराम को भी फोन कर शिविर की अव्यवस्थाओं से अवगत करवाया।

