प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 19वें रोजगार मेले में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 51 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में स्वरोजगार और उद्यमिता की नई संस्कृति विकसित हुई है और देश अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 2.3 लाख से अधिक मान्यता प्राप्त स्टार्टअप हैं और यह बदलाव अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। उनके मुताबिक टियर-2 और टियर-3 शहरों के युवा भी स्टार्टअप, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जबकि महिलाओं की भागीदारी भी लगातार बढ़ रही है।
मोदी ने कहा कि भारत के युवाओं के लिए आज विनिर्माण, डिजिटल सेवाएं, रेलवे, रक्षा, अंतरिक्ष और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में नए अवसर तेजी से पैदा हो रहे हैं। उन्होंने हाल में हुए अंतरराष्ट्रीय समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली और यूएई जैसे देशों के साथ तकनीक, एआई, ग्रीन टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर सेक्टर में सहयोग से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे।
प्रधानमंत्री ने एएसएमएल-टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स समझौते को भारत के लिए अहम बताते हुए कहा कि इससे देश में हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त युवाओं से सरकारी सेवा को राष्ट्रसेवा का माध्यम मानकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी केवल पद नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को आसान बनाने की जिम्मेदारी है।
राजस्थान में जयपुर, जोधपुर, अजमेर और बीकानेर में भी रोजगार मेलों का आयोजन किया गया। जयपुर में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे।

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रेलवे में इस समय 1.6 लाख पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है और भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया गया है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में रेलवे से जुड़ी बड़ी परियोजनाओं पर काम जारी है, जिनके पूरा होने के बाद राज्य में 200 नई ट्रेनों के संचालन की संभावना बनेगी।
भूपेंद्र यादव ने नवनियुक्त युवाओं से 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य में योगदान देने और राष्ट्र सेवा की भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

