जयपुर में राजस्थान पुलिस अकादमी (आरपीए) में आयोजित कांस्टेबल नव-नियुक्ति समारोह में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया ही किसी राज्य की प्रगति की नींव होती है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान ने पेपर लीक की समस्या से निजात पाई है और युवाओं को अब मेरिट के आधार पर, बिना सिफारिश और बिना खर्चे के सरकारी नौकरी मिल रही है।
समारोह में 8 हजार से अधिक नवनियुक्त कांस्टेबलों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए, जिनमें करीब एक-तिहाई महिलाएं शामिल हैं। अमित शाह ने इसे राजस्थान पुलिस और राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण दिन बताया। उन्होंने कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था से ही विकास संभव है और इसी दिशा में राज्य सरकार ने बीते दो वर्षों में कई ठोस कदम उठाए हैं।
गृह मंत्री के अनुसार, राज्य में कुल अपराधों में लगभग 14 प्रतिशत और गंभीर अपराधों में करीब 19 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। हत्या, लूट, डकैती और महिलाओं व अनुसूचित वर्गों के खिलाफ अपराधों में भी उल्लेखनीय गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स, एंटी-नार्कोटिक्स टास्क फोर्स, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और साइबर अपराध से निपटने के लिए समन्वय केंद्र जैसी पहलों से पुलिस को आधुनिक बनाया गया है।
अमित शाह ने यह भी कहा कि नए आपराधिक कानून—भारतीय न्याय संहिता सहित—नागरिकों के शरीर, संपत्ति और सम्मान की रक्षा की गारंटी देते हैं। इन कानूनों के तहत पुलिस, अभियोजन, जेल, फॉरेंसिक और अदालतों को एक डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया है, जिससे न्याय प्रक्रिया तेज और प्रभावी होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने समारोह में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देश एक ऐतिहासिक दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ साइबर अपराध से निपटने के लिए ‘राजस्थान साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर’ स्थापित करने की घोषणा की है, जिसे सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा।
समारोह में उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा , गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेदम , वरिष्ठ अधिकारी, नवनियुक्त कांस्टेबल और उनके परिजन बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

