मुंबई के मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में चार यात्रियों की मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल हो गए। सुबह करीब 9:30 बजे, ऑफिस टाइम के दौरान भारी भीड़ के चलते चलती लोकल ट्रेनों से 10 यात्री नीचे गिर गए। मृतकों में महाराष्ट्र पुलिस का एक GRP कॉन्स्टेबल भी शामिल है।
रेलवे का कहना है कि हादसा तब हुआ जब दो विपरीत दिशा में आ रही लोकल ट्रेनों के दरवाजों पर लटके यात्री एक-दूसरे के बेहद पास से गुजरे। उनके बैग आपस में उलझ गए, जिससे संतुलन बिगड़ गया और यात्री नीचे गिर पड़े।
पहले पुष्पक एक्सप्रेस से जुड़ी खबर आई थी
घटना के बाद शुरू में खबरें आईं कि यह हादसा लखनऊ जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस से जुड़ा है, लेकिन रेलवे ने स्पष्ट किया कि यह हादसा कसारा से सीएसएमटी आ रही लोकल और दूसरी ट्रेन के बीच हुआ।
मरने वालों की पहचान
मृतकों की पहचान केतन सरोज, राहुल गुप्ता, मयूर शाह और कांस्टेबल विक्की मुखियाद के रूप में हुई है। घायल यात्रियों को ठाणे के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे के वक्त की तस्वीरें दिल दहला देने वाली थीं — ट्रैक पर पड़े फटे कपड़े, चप्पलें और बैग, और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को प्लेटफॉर्म तक लाते हुए दृश्य।
रेलवे लेगा तकनीकी उपाय
रेलवे अधिकारियों ने हादसे के बाद कहा कि अब मुंबई की सभी नई लोकल ट्रेनों में ऑटोमैटिक डोर सिस्टम लगाया जाएगा। मौजूदा ट्रेनों को भी फिर से डिजाइन किया जाएगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
नेताओं की प्रतिक्रियाएं
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि यह घटना लोकल ट्रेनों में भीड़भाड़ और सुरक्षा की अनदेखी को दर्शाती है। उन्होंने रेलवे से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने ऐलान किया कि हादसे की जांच के लिए रेलवे की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात भी कही गई।
राहुल गांधी का निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने हादसे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि “मोदी सरकार 11 साल की सेवा का जश्न मना रही है, लेकिन हकीकत मुंबई के इस दर्दनाक हादसे से झलकती है। न जवाबदेही मिली, न बदलाव, सिर्फ प्रचार हुआ।”
इस हादसे ने मुंबई लोकल की सुरक्षा व्यवस्था पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं, जो देश की सबसे व्यस्त उपनगरीय रेल सेवा मानी जाती है।

