जयुपर, 5 अगस्त। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि अंगदान जीवनदान है और यह करूणा और सेवा का सच्चा उदाहरण है क्योंकि अंगदान का निर्णय अनेक परिवारों को नया जीवन और नई आशा देते हैं। एक व्यक्ति अंगदान से 8-9 लोगों को नया जीवन दे सकता है। उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मन की बात के 131वें एपिसोड में भी अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है। हम सबका दायित्व है कि अंगदान के प्रति जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाए।
खींवसर बुधवार को एसएमएस मेडिकल कॉलेज के सभागार में राष्ट्रीय अंगदान दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने अंगदान का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि आज देश में आधार सत्यापित अंगदान प्रतिज्ञाओं का आंकड़ा 5 लाख से अधिक हो चुका है। जिसमें राजस्थानवासियों का योगदान 1.41 लाख से अधिक है। आज अंग प्रत्यारोपण की कुल संख्या में भारत, अमेरिका और चीन के बाद विश्व में तीसरे स्थान पर है।
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह उन दिवंगत अंगदाताओंके प्रति गहरी कृतज्ञता का परिणाम है कि जिनके निस्वार्थ निर्णयों ने राष्ट्र को प्रेरित किया है और भारत के अंगदान आन्दोलन को मजबूत बनाया है। अंगदान के प्रति समाज में फैली भ्रांन्तियों को दूर करने की आवश्यकता है। अंगदान करने वाले दाताओं और उनके परिजनों का सम्मान परे समाज को करना चाहिए। उन्होंने नई दिल्ली में 3 अगस्त को अंगदान संकल्प के मामले में राजस्थान को प्रथम स्थान पर सम्मानित करने पर पूरी टीम को बधाई दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर मेडिकल कॉलेज में अंगदान के लिए अलग से यूनिट का गठन किया गया है। साथ ही, 181 हेल्पलाइन पर अंगदान के संबंध में जानकारी ली जा सकती है। कोई भी व्यक्ति चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल पर जाकर अंगदान की शपथ ले सकता है और संकल्प पत्र दे सकता है। नोटो के पोर्टल पर भी अंगदान की शपथ ऑनलाइन ली जा सकती है। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत भी अंग प्रत्यारोपण की निःशुल्क सुविधा प्रदेश के नागरिकों को उपलब्ध है। हमारा प्रयास है कि अंगदान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों का जीवन बचाया जा सके।
खींवसर ने कहा कि हमारे अंगदाता परिवार मानवता की सबसे जीवंत मिसाल हैं। जब कोई अपना इस दुनिया से जाता है, तो उस असीम दुख के क्षण में भी दूसरों को जीवन देने का फैसला करना कोई साधारण बात नहीं है। आपका यह एक फैसला किसी के घर का बुझता हुआ चिराग रोशन कर देता है। आपके इस सर्वाेच्च त्याग और साहस को मैं पूरे राजस्थान की जनता की तरफ से शीश झुकाकर नमन करता हूँ। आप हमारे असली नायक हैं।
उन्होंने कहा कि आज हमारे बीच हमारे वो ट्रांसप्लांट एथलीट्स भी मौजूद हैं, जिन्होंने न सिर्फ नई जिंदगी पाई, बल्कि खेल के मैदान में मेडल जीतकर राजस्थान का नाम रोशन किया है। आपके ये मेडल सिर्फ खेल की जीत नहीं हैं, ये चिकित्सा विज्ञान की सफलता और एक अंगदाता के जीवित संकल्प के प्रतीक हैं।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि अंगदान आसान नहीं है, यह बड़ा निर्णय होता है। यह जीवन बचाता है, नई जिंदगी देने से बड़ा कोई दान नहीं है। भारत सरकार ने 16वें भारतीय अंगदान दिवस के अवसर पर 3 अगस्त, 2026 से वर्षभर चलने वाले ‘जुग-जुग जियो अभियान’ का शुभारम्भ किया है। इस अभियान का संदेश अत्यंत प्रेरणादायक है ‘अंगदाता का जीवन उसके द्वारा दान किए गए अंगों एवं ऊतकों के माध्यम से सदैव जीवित रहता है।’ राजस्थान सरकार इस राष्ट्रीय अभियान को पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है।
राठौड़ ने कहा कि राष्ट्रीय डिजिटल ऑर्गन डोनेशन प्रतिज्ञा अभियान के दौरान राजस्थान ने पूरे देश में सर्वाधिक डिजिटल अंगदान प्रतिज्ञाएँ दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। केवल एक ही दिन में 9,336 डिजिटल प्रतिज्ञाएँ तथा कुल 69 हजार से अधिक डिजिटल प्रतिज्ञाएँ इस बात का प्रमाण हैं कि राजस्थान का समाज जीवन बचाने के इस अभियान के प्रति पूर्ण संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ आगे आया है।
प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि वर्ष 2015 में मृतक अंगदान कार्यक्रम प्रारम्भ होने के बाद से अब तक राजस्थान में 85 मृतक अंगदाताओं के माध्यम से 296 अंग एवं ऊतकों का सफल प्रत्यारोपण संभव हो सका है। प्रत्येक प्रत्यारोपण केवल एक चिकित्सकीय उपलब्धि नहीं, बल्कि किसी परिवार के लिए आशा, विश्वास और नए जीवन का संदेश है। प्रदेश में वर्तमान में 17 अंग प्रत्यारोपण केन्द्र एवं 4 नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर्स संचालित है। आने वाले वर्षों में राज्य के शेष राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों तथा प्रमुख ट्रॉमा केन्द्रों में चरणबद्ध रूप से नॉन-ट्रांसप्लांट ऑर्गन रिट्रीवल सेंटर्स स्थापित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने फरवरी 2026 में ‘मन की बात’ के 131वें एपिसोड में भी अंगदान के महत्व पर विशेष बल देते हुए यह कहा था- ‘‘मित्रों, आजकल भारत में अंगदान के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है। इससे जरूरतमंद लोगों को सहायता मिल रही है और देश में चिकित्सा अनुसंधान को भी मजबूती मिल रही है।’’ यह स्पष्ट करता है कि देश का सर्वोच्च नेतृत्व भी अंगदान के इस पुण्य कार्य को अत्यंत महत्त्व देता है। आज का यह अभियान केवल अंगदान का अभियान नहीं, बल्कि ‘जीवन’ का अभियान है।
कार्यक्रम को चिकित्सा शिक्षा बाबूलाल गोयल, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी, सोटो की संयुक्त निदेशक डॉ. चित्रा सिंह ने भी सम्बोधित किया। अंगदान संकल्प में राजस्थान में प्रथम स्थान पर जिला कलेक्टर भीलवाड़ा जसमीत सिंह, दूसरे स्थान पर जिला कलेक्टर झुंझुनूं अरूण गर्ग को तथा तीसरे स्थान पर जयपुर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अंगदान करने वाले 12 परिवारों, 10 ट्रांसप्लांट एथलीट्स, बीएसडी कमेटी में एसएमएस हॉस्पिटल जयपुर, बेस्ट कैडेवरी ट्रांसप्लांट एम्स जोधपुर, बेस्ट एनटीओआरसी में जवाहर नेहरू मेडिकल कॉलेज अजमेर, सर्टिफिकेट ऑफ एप्रिसियेशन डॉ मनीषा मलिक, बेस्ट ट्रांसप्लांट कॉर्डिनेटर श्री रामरतन खंगवाल, बेस्ट एनजीओ में एमएफजेसीएफ, बेस्ट इमरजिंग एनजीओ में द अर्थ तथा पोस्टर पुरस्कार में काजल शर्मा तथा स्लोगन में तन्मय को पुरस्कृत किया गया।
अतिथियों द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से की गई। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य, अधिकारीगण, विभिन्न चिकित्सकगण, अंगदान परिवारों के सदस्य, स्वयं सेवी संगठनों के सदस्यों एवं विद्यार्थीगण तथा अन्य प्रबुद्धजन उपस्थित थे। अन्त में चिकित्सा शिक्षा विभाग की निदेशक डॉ. रश्मि गुप्ता ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

