जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित हरवान इलाके में सोमवार को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन महादेव के तहत तीन पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया। मुठभेड़ दाचीगाम नेशनल पार्क के पास हुई, जिसमें सुरक्षा बलों ने पहलगाम हमले के मुख्य आरोपी हाशिम मूसा को भी ढेर कर दिया।
सेना के मुताबिक, मारे गए अन्य दो आतंकियों की पहचान जिबरान और हमजा अफगानी के रूप में हुई है। जिबरान 2024 में सोनमर्ग सुरंग प्रोजेक्ट पर हुए आतंकी हमले में शामिल था।
बरामद हुए अमेरिकी हथियार और संदिग्ध सामग्री
मुठभेड़ के बाद आतंकियों के ठिकाने से अमेरिकी M4 कार्बाइन, AK-47 राइफलें, 17 राइफल ग्रेनेड और अन्य संदिग्ध सामग्री बरामद की गई है। अधिकारियों का कहना है कि इस ऑपरेशन को लेकर विस्तृत जानकारी मंगलवार को दी जाएगी।
एक हफ्ते पहले मिली थी खुफिया जानकारी
रक्षा सूत्रों के अनुसार, करीब एक हफ्ते पहले सुरक्षाबलों को श्रीनगर के दाचीगाम जंगल में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। बताया गया कि आतंकियों ने हमले के बाद पहली बार एक चीनी अल्ट्रा-कम्युनिकेशन सेट को फिर से सक्रिय किया, जिसके सैटेलाइट सिग्नल ट्रेस किए गए। इसके बाद व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया।
सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे, 24 राष्ट्रीय राइफल्स और 4 पैरा यूनिट के जवानों ने एडवांस तकनीक की मदद से आतंकियों की लोकेशन का पता लगाया और तीनों को मार गिराया।
पहलगाम हमला: 26 पर्यटकों की मौत
22 अप्रैल को बायसरन घाटी (पहलगाम से 6 किमी दूर) में हुए हमले में 26 लोगों की जान गई थी और 16 अन्य घायल हुए थे। हमले में धार्मिक पहचान के आधार पर पर्यटकों को निशाना बनाया गया था। जांच में तीन आतंकियों के नाम सामने आए थे— आदिल हुसैन ठोकर (अनंतनाग), हाशिम मूसा उर्फ सुलेमान और अली उर्फ तल्हा भाई (दोनों पाकिस्तानी)।
हाशिम मूसा पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप का पूर्व कमांडो रह चुका है और उस पर 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
उपराज्यपाल ने सेना को दी बधाई
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने ऑपरेशन की सफलता की पुष्टि करते हुए सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मामले की विस्तृत जानकारी संबंधित एजेंसियां साझा करेंगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि NIA द्वारा गिरफ्तार दो आरोपियों ने इन्हीं तीन आतंकियों के नाम उजागर किए थे या किसी अन्य समूह से संबंधित थे।

