पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच दमदम में आयोजित रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में “परिवर्तन की लहर” का दावा करते हुए कहा कि पहले चरण के वोटिंग ने इसे साबित कर दिया है। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर दबाव बनाते हुए कहा कि “टीएमसी का दिया बुझाने वाला है” और राज्य में बदलाव तय है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बंगाल को “टीएमसी के डर, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट और बेटियों पर अत्याचार” से मुक्ति चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने “लोकतंत्र के मंदिर को कुचल दिया था”, लेकिन पहले चरण में जनता ने इसे फिर से स्थापित किया है। पीएम मोदी ने दूसरे चरण के लोकसभा से इस बदलाव को आगे बढ़ाने की अपील की।
महिला सुरक्षा को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को प्राथमिकता देगी। “बीजेपी बेटियों के सपनों को तोड़ने नहीं देगी,” उन्होंने कहा और भरोसा जगाने कि सत्ता में आने पर महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों की जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीजेपी की जीत का दावा किया था। उन्होंने कहा कि 4 मई को नतीजे आने के बाद राज्य में बीजेपी सरकार बनेगी और अगला मुख्यमंत्री बंगाल में जन्मा व्यक्ति होगा, “लेकिन दीदी का भतीजा नहीं।”
चुनाव के पहले चरण में गुरुवार को 152 सीटों पर करीब 92 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज किया गया, जो हाल के सालों में सबसे ज्यादा है। चुनाव आयोग के अनुसार दूसरे चरण का वोटिंग 29 अप्रैल को होगा, जबकि गिनती 4 मई को की जाएगी।
चुनाव प्रचार के दौरान हिंसा के कुछ आरोप भी सामने आए हैं, जिनमें बीजेपी नेताओं ने टीएमसी दंगों पर हमले के आरोप लगाए हैं। हालांकि, कुल मिलाकर पहले चरण का वोटिंग भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न हुआ।राज्य में अब दूसरे चरण की वोटिंग पर नजरें हैं, जहां सभी प्रमुख दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ मैदान में हैं।

