राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस:पीएम मोदी का विपक्ष पर तीखा हमला,ट्रेड डील से लेकर बैंकिंग सुधारों तक गिनाईं उपलब्धियां

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए विपक्ष पर तीखे शब्दों में हमला किया। करीब एक घंटा 37 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर सार्वजनिक जीवन की मर्यादा तोड़ने का आरोप लगाया और कहा, “ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जहां मोदी की कब्र खोदने की बात होती है। क्या यह सार्वजनिक जीवन की मर्यादा का अपमान नहीं है?”

प्रधानमंत्री के भाषण की शुरुआत के साथ ही विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्षी सांसदों ने राहुल गांधी को बोलने देने की मांग करते हुए ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ के नारे लगाए। इस पर प्रधानमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि खड़गे जी की उम्र को देखते हुए उन्हें बैठकर नारे लगाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इसके बाद विपक्षी दलों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टीएमसी, कांग्रेस, वाम दल और डीएमके दशकों तक केंद्र की सत्ता में हिस्सेदार रहे, लेकिन उनकी पहचान आज भी ‘डील’ के नाम पर बोफोर्स घोटाले से जुड़ी है। उन्होंने कहा, “आज भारत जिन डील्स पर चर्चा कर रहा है, वे गर्व का विषय हैं।”

अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने देश की आर्थिक दिशा और नीतिगत बदलावों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है और आज भारत ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर दुनिया से प्रतिस्पर्धा करने को तैयार है। उन्होंने एमएसएमई सेक्टर के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि इससे वैश्विक भरोसा भी बढ़ा है।

प्रधानमंत्री ने यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हाल में हुई व्यापारिक समझौतों को भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में नौ बड़े देशों और एक साथ 27 देशों के समूह के साथ ट्रेड डील्स की हैं, जिनमें ईयू और अमेरिका शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले डील का नाम आते ही बोफोर्स याद आता था, जबकि आज डील गर्व की बात है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की नीतियों पर कटाक्ष करते हुए नर्मदा परियोजना का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि इस परियोजना की योजना उनके जन्म से पहले बनी थी और शुरुआत नेहरू के समय हुई, लेकिन उद्घाटन उनकी सरकार के दौरान हुआ। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने किसानों के हित में नर्मदा डैम के लिए अनशन भी किया था।

बैंकिंग सेक्टर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले राजनीतिक सिफारिशों के आधार पर कर्ज दिए जाते थे और गरीब बैंक तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने दावा किया कि आज नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) एक प्रतिशत से भी नीचे हैं और बैंकों का मुनाफा रिकॉर्ड स्तर पर है।

प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान सत्ता पक्ष ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया, जबकि विपक्ष के वॉकआउट के बाद सदन का माहौल पूरी तरह सरकार के पक्ष में नजर आया।