पीएम मोदी बोले- ‘2047 तक विकसित भारत का सपना होगा पूरा’, युवाओं से कहा- बड़े सपने देखें और नए विचारों पर काम करें

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चेन्नई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को युवाओं से भारत में मौजूद ‘अनंत अवसरों’ का लाभ उठाने और देश को विकसित बनाने में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लिए युवाओं के नए विचार और समाधान न सिर्फ देश, बल्कि पूरी दुनिया का भविष्य तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

प्रधानमंत्री चेन्नई में जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय मैट्रिकुलेशन हायर सेकेंडरी स्कूल के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने छात्रों से बड़े सपने देखने, अलग तरह से सोचने और अपने विचारों पर काम करने को कहा।

मोदी ने कहा, “आज दुनिया समाधान तलाश रही है और आपमें ये समाधान देने की क्षमता है। भारत में आज अनंत अवसर हैं। मैं चाहता हूं कि हर युवा अपने भविष्य को बड़े कैनवास पर देखे, क्योंकि यह आपका समय है और यह आपका अवसर है।”

उन्होंने भरोसा जताया कि युवाओं के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

‘2047 तक विकसित भारत, दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने का लक्ष्य’

प्रधानमंत्री ने भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लक्ष्य का जिक्र करते हुए कहा कि देश आने वाले वर्षों में कई बड़े पड़ाव हासिल करेगा। उन्होंने भारत को दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने, वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने, ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने और भारतीय अंतरिक्ष यात्री को चंद्रमा तक पहुंचाने जैसे लक्ष्यों का उल्लेख किया।

मोदी ने कहा कि इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए लोगों को निडर होकर अपने विचारों पर काम करना चाहिए। उन्होंने तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के विचारों का उल्लेख करते हुए युवाओं से निर्भीक होकर सोचने और अलग रास्ते तलाशने की अपील की।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत’, ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित तमिलनाडु’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि देश मिलकर इन लक्ष्यों को पूरा करेगा।

‘राज्यों की प्रगति से मजबूत होती है देश की अर्थव्यवस्था’

चेन्नई में एक अन्य कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति राज्यों के विकास से जुड़ी है। उन्होंने तमिलनाडु जैसे औद्योगिक राज्यों में विनिर्माण को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।

मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ जैसी पहलों से तमिलनाडु के औद्योगिक क्षेत्र को भी लाभ मिल रहा है। उनके मुताबिक, राज्यों में विनिर्माण को मजबूत करने से देश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

छोटे प्रयास भी ला सकते हैं बड़ा बदलाव

प्रधानमंत्री ने स्कूल की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी जरूरी है।

उन्होंने गिरिजा-अम्मा की पहल का उदाहरण दिया। मोदी के मुताबिक, इस पहल के तहत बच्चों से हर दिन एक-एक रुपया बचाकर देश के सैनिकों के लिए योगदान देने को कहा गया था। हजारों बच्चों की भागीदारी से करीब 40 लाख रुपये जुटाए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छोटे-छोटे योगदान भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं और सामूहिक प्रयासों से महत्वपूर्ण लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।

नवरात्रि के पहले दिन तमिलनाडु दौरे का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के पहले दिन तमिलनाडु आना और छात्रों से मिलना उनके लिए उत्साहजनक अनुभव रहा। उन्होंने राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि युवाओं में दिखाई देने वाला उत्साह सकारात्मक ऊर्जा का एहसास कराता है।

जयगोपाल गरोडिया हिंदू विद्यालय का स्वर्ण जयंती समारोह संस्थान की शिक्षा और छात्रों के समग्र विकास में पांच दशक के योगदान को चिह्नित करने के लिए आयोजित किया गया था।