‘इंतजारशास्त्र’ बनाम ‘कर्मशास्त्र’ पर सियासी वार-पलटवार,अविनाश गहलोत ने अशोक गहलोत को घेरा

Jaipur Rajasthan

जयपुर, 24 मार्च। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनकी सरकार के दौरान हुए भ्रष्टाचार और पेपरलीक के प्रकरणों पर पलटवार किया है।

उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय युवाओं का भविष्य चौपट हो गया था। गहलोत इंतजारशास्त्र की बात कर रहे हैं क्योंकि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनता को केवल इंतजारशास्त्र ही दिया। भ्रष्टाचार पेपरलीक पर कोई प्रभावी कार्यवाही नहीं की। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार इंतजारशास्त्र की बजाय कर्मशास्त्र पर नीति और नीयत के साथ काम कर रही है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। सरकार बनने के तुरंत बाद एसआईटी का गठन करते हुए पेपरलीक के प्रकरणों में प्रभावी कार्यवाही की। 350 से ज्यादा पेपरलीक के आरोपियों को जेल में डाला। आगे भी राज्य सरकार की कार्यवाही जारी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पारदर्शिता के साथ 351 से ज्यादा परीक्षाएं आयोजित की हैं। युवाओं को 1.25 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं और 1 लाख से अधिक भर्तियों का कैलेण्डर जारी किया है। युवाओं को नौकरी हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रकरणों में कांग्रेस के नेताओं को जेल भी जाना पड़ा था। वहीं, राजस्थान की जनता का राज्य सरकार पर विश्वास है क्योंकि भजनलाल है तो भरोसा है, भाजपा है तो भरोसा है।