राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अयोध्या में रामलला के किए दर्शन,‘राम राज्य’ के आदर्शों पर आधारित राष्ट्र निर्माण पर दिया जोर

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर
पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर में विभिन्न स्थलों पर पूजा-अर्चना की तथा ‘श्री राम यंत्र’ की स्थापना और पूजन भी किया।

अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि अयोध्या की पवित्र भूमि का स्पर्श करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने इसे प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली बताते हुए कहा कि नवरात्रि के प्रथम दिन यहां उपस्थित होना उनके लिए विशेष महत्व रखता है।

राष्ट्रपति ने मंदिर से जुड़े विभिन्न अवसरों—भूमि पूजन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा और मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण—को देश के इतिहास और संस्कृति की महत्वपूर्ण उपलब्धियां बताया।

उन्होंने कहा कि देश एक समावेशी समाज और विकसित राष्ट्र के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और ‘राम राज्य’ के आदर्श इस दिशा में मार्गदर्शक सिद्ध हो सकते हैं। उनके अनुसार, राम राज्य का विचार आर्थिक समृद्धि, सामाजिक समरसता और नैतिक आचरण पर आधारित है।

राष्ट्रपति ने नागरिकों से एकता और आपसी सद्भाव के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों पर चलकर देश 2047 तक अपने विकास लक्ष्यों को हासिल कर सकता है।