राज्यसभा में प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन,उपसभापति हरिवंश को तीसरे कार्यकाल पर दी बधाई

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए उपसभापति हरिवंश को लगातार तीसरी बार इस पद पर चुने जाने पर बधाई दी। उन्होंने इसे एक “ऐतिहासिक उपलब्धि” बताते हुए कहा कि यह सदन के उनके अनुभव, समावेशी दृष्टिकोण और गरिमापूर्ण कार्यशैली पर विश्वास को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 17 अप्रैल का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि यह पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती भी है। उन्होंने हरिवंश के चंद्रशेखर के साथ लंबे जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे दिन तीसरे कार्यकाल की शुरुआत इस मौके को और खास बनाती है।

मोदी ने हरिवंश के पत्रकारिता करियर की भी सराहना की और कहा कि उनके लेख गहन अध्ययन और स्पष्ट सोच को दर्शाते थे। उन्होंने यह भी कहा कि हरिवंश की लेखनी में जहां धार थी, वहीं उनके व्यवहार में हमेशा विनम्रता और संतुलन रहा।

प्रधानमंत्री ने हरिवंश की संसदीय कार्यशैली, अनुशासन और समयपालन को उनकी सफलता का प्रमुख कारण बताया। उन्होंने कहा कि हरिवंश न केवल सदन की कार्यवाही के दौरान, बल्कि सामान्य दिनों में भी सक्रिय उपस्थिति रखते हैं, जो अन्य सदस्यों के लिए उदाहरण है।

युवाओं के साथ उनके जुड़ाव का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि 2018 से अब तक हरिवंश देशभर के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में 350 से अधिक कार्यक्रमों में भाग ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह विकसित भारत के दृष्टिकोण को युवाओं तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि हरिवंश ने अपने सांसद निधि का उपयोग शोध और शिक्षा से जुड़े केंद्रों की स्थापना में किया, जिसमें आईआईटी पटना में लुप्तप्राय भाषाओं पर केंद्र और भूकंप इंजीनियरिंग जैसे संस्थान शामिल हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास जताया कि राज्यसभा आने वाले समय में देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और सदन के पीठासीन अधिकारियों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।