असम चुनाव से पहले राहुल गांधी का हिमंत बिस्वा सरमा पर हमला,‘भ्रष्टाचार और विभाजन की राजनीति’ का आरोप

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असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर तीखा हमला बोला है। बिस्वनाथ में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राज्य की मौजूदा सरकार लोगों को बांटने और भ्रष्टाचार में लिप्त है, जबकि कांग्रेस खुद को जनहित की राजनीति करने वाला विकल्प बता रही है।

राहुल गांधी ने कहा कि मुख्यमंत्री के बयान असफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नफरत और विभाजन की राजनीति की जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि कांग्रेस सत्ता में आने पर राज्य के हितों को प्राथमिकता देगी।

कांग्रेस नेता ने असम के संसाधनों को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि सरकार चुनिंदा कॉरपोरेट समूहों के हित में काम कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार के नेतृत्व पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की नीतियों से आम लोगों के हित प्रभावित हो रहे हैं।

राहुल गांधी ने कांग्रेस के घोषणापत्र का उल्लेख करते हुए कई वादे भी किए, जिनमें छह समुदायों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने का प्रस्ताव और चाय बागान मजदूरों के लिए प्रतिदिन 450 रुपये मजदूरी सुनिश्चित करने की बात शामिल है। इसके अलावा महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता और छोटे व्यवसाय शुरू करने के लिए 50,000 रुपये तक की मदद देने का वादा भी किया गया।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने पर कुछ मामलों की जांच में तेजी लाई जाएगी।

असम में 126 विधानसभा सीटों पर 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी। सत्तारूढ़ भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्षी गठबंधन सरकार बदलने के उद्देश्य से चुनाव मैदान में है।