भारत–अमेरिका ट्रेड डील पर सियासी घमासान,राहुल गांधी का आरोप— ‘मेहनत बिक गई’,सरकार ने खारिज किया

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भारत और अमेरिका के बीच घोषित ट्रेड डील को लेकर देश की राजनीति गरमा गई है। नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आरोप लगाया कि अमेरिकी ट्रेड डील में देशवासियों की मेहनत और खून-पसीना बेच दिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पर भारी दबाव है और देश के इतिहास में पहली बार राष्ट्रपति के अभिभाषण पर नेता विपक्ष को बोलने से रोका गया।

राहुल गांधी के आरोपों के जवाब में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार शाम ट्रेड डील पर सरकार की ओर से पहला बयान दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और यह आश्वस्त किया कि कृषि और डेयरी क्षेत्र को पूरी तरह संरक्षित रखा जाएगा। गोयल के मुताबिक, इस समझौते पर भारत और अमेरिका जल्द ही एक साझा आधिकारिक बयान जारी करेंगे।

दरअसल, सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि भारत रूस से तेल खरीदना बंद करेगा और अमेरिका से ज्यादा तेल खरीदेगा।

इस बीच राहुल गांधी ने ‘एपस्टीन फाइल्स’ का भी जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका ने इससे जुड़ी कई जानकारियां अब तक सार्वजनिक नहीं की हैं और देश को इस पूरे घटनाक्रम पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।

ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी के साथ फोन पर बातचीत का ब्योरा साझा किया। उन्होंने लिखा कि भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा के ऊर्जा, तकनीक, कृषि, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदेगा। ट्रम्प के अनुसार, इस डील से दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि राष्ट्रपति ट्रम्प से बातचीत कर खुशी हुई और ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत किए जाने को भारत के लिए सकारात्मक कदम बताया। प्रधानमंत्री ने इस फैसले के लिए ट्रम्प का धन्यवाद भी किया।

ट्रेड डील को लेकर जहां सरकार इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए अहम कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लेकर लगातार सवाल उठा रहा है।