राहुल गांधी का आरोप: “मोदी वोट चोरी से तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, हमारे पास सबूत हैं”

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। बेंगलुरु में ‘वोट अधिकार रैली’ को संबोधित करते हुए राहुल ने दावा किया कि भाजपा ने लोकसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर वोट चोरी की है और अगर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक वोटर डेटा और मतदान की वीडियोग्राफी मिल जाए, तो वे साबित कर सकते हैं कि नरेंद्र मोदी “चोरी करके” तीसरी बार प्रधानमंत्री बने हैं।

“25 सीटें, 35 हज़ार वोट का अंतर”

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी सरकार बहुत छोटे बहुमत से सत्ता में आई है। उन्होंने कहा, “25 सीटों पर भाजपा 35 हजार या उससे कम वोटों से जीती है। अगर इनका डेटा हमें मिले, तो हम साबित कर देंगे कि ये जीत वैध नहीं थी।”

उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि वह पिछले 10 वर्षों की इलेक्ट्रॉनिक वोटर लिस्ट और मतदान की वीडियोग्राफी सार्वजनिक करे। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं करने पर इसे “क्राइम” माना जाना चाहिए।

“वोट चोरी सिर्फ घोटाला नहीं, लोकतंत्र से विश्वासघात”

राहुल ने X (पूर्व में ट्विटर) पर भी पोस्ट कर लिखा, “वोट चोरी सिर्फ एक चुनावी घोटाला नहीं है, बल्कि यह भारत के संविधान और लोकतंत्र से गद्दारी है। देश के गुनहगार सुन लें, वक्त बदलेगा, और सजा जरूर मिलेगी।”

कर्नाटक में फर्जी वोटिंग का आरोप

राहुल गांधी ने दावा किया कि कर्नाटक के महादेवपुरा विधानसभा क्षेत्र में 1 लाख 250 फर्जी वोट बनाए गए। उन्होंने कहा कि “एक ही पते पर 40-50 वोटर दर्ज हैं, जिनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं है। उस घर का मालिक भाजपा नेता निकला।” उन्होंने बताया कि डुप्लीकेट वोटर्स ने न केवल कर्नाटक, बल्कि महाराष्ट्र और यूपी में भी वोट डाले।

राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि “फॉर्म 6” (जो नए वोटर के पंजीकरण के लिए होता है) का दुरुपयोग करते हुए 60-80 साल के वोटर्स को नया दिखाया गया।

“एक सीट की जांच में 6 महीने लगे”

राहुल ने कहा, “हमने सिर्फ एक सीट की जांच में 6 महीने लगाए और लाखों वोटर्स के साथ डेटा का मिलान किया। अगर हमें चुनाव आयोग का डेटा मिल जाए, तो हम 20-25 सीटों की असलियत उजागर कर सकते हैं।”

कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे का भी हमला

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने कहा, “पहले चुनाव आयोग जवाब देता था, अब वह सत्ता पक्ष का प्रवक्ता बन गया है।”

चुनाव आयोग का जवाब: आरोप निराधार

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि “सभी चुनाव पारदर्शिता और कानून के अनुसार कराए गए हैं। अगर कांग्रेस को कोई आपत्ति है, तो वह अदालत में चुनाव याचिका दाखिल कर सकती है।”

इससे पहले भी 1 अगस्त को चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा था कि “ऐसे निराधार आरोपों को नजरअंदाज करना ही उचित है।”

लगातार उठते रहे हैं सवाल

राहुल गांधी ने इससे पहले 2 अगस्त को भी दिल्ली में कहा था कि “भारत का चुनावी सिस्टम मर चुका है” और मोदी सरकार धांधली के जरिए सत्ता में आई है। उन्होंने कहा था कि उनके पास 100% सबूत हैं और आने वाले दिनों में वो सब सार्वजनिक करेंगे।

राहुल गांधी और कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे इन आरोपों ने देश में चुनावी व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थानों की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ दी है।