इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के भाई सचिन रघुवंशी ने मेघालय सरकार से माफ़ी मांगते हुए कहा है, “मैं मेघालय सरकार से माफी चाहता हूं कि सोनम रघुवंशी की वजह से राज्य की छवि को नुकसान पहुंचा। मैं पुलिस और सरकार का आभार व्यक्त करता हूं कि उन्होंने 17 दिनों में इस मामले का खुलासा कर दिया।”
सचिन ने आगे कहा कि सोनम ने सात परिवारों को बर्बाद कर दिया है और उसके परिवार के अन्य सदस्यों से भी सख्ती से पूछताछ होनी चाहिए। उन्होंने सभी आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच, मेघालय पुलिस हत्या के मामले में गिरफ्तार पांच आरोपियों को शिलॉन्ग लेकर पहुंची है। इनमें राजा की पत्नी सोनम रघुवंशी भी शामिल हैं। सभी को शिलॉन्ग के सदर थाने में रखा गया है, जहां सीआरपीएफ की तैनाती की गई है और किसी को भी परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं है।
मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी भी थाने पहुंच चुकी है। पुलिस सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड मांगेगी, जिसके बाद उनसे पूछताछ होगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों का आमना-सामना कराया जा सकता है और सीन रीक्रिएशन की भी संभावना है।
थाने के बाहर स्थानीय लोग एकत्र हैं। उनका कहना है कि सोनम के पिता देवी सिंह ने शिलॉन्ग के लोगों पर गंभीर आरोप लगाए थे, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। देवी सिंह ने आरोप लगाया था कि कपल के गायब होने में स्थानीय लोगों का हाथ हो सकता है और पुलिस सहयोग नहीं कर रही थी।
राजा और सोनम की शादी 11 मई को हुई थी। 21 मई को दोनों शिलॉन्ग पहुंचे और 23 मई को आखिरी बार परिवार से बात हुई। इसके बाद 2 जून को राजा का शव बरामद हुआ, जबकि सोनम 9 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में मिली।
हत्या की प्लानिंग और क्राइम सीन का खुलासा
शिलॉन्ग एसपी विवेक स्येम ने बताया कि गिरफ्तार किए गए तीनों सुपारी किलर्स ने स्वीकार किया है कि सोनम 22 मई को शिलॉन्ग पहुंच गई थी और उसी दिन राजा की हत्या की योजना थी। योजना के अनुसार, सोनम राजा को पहाड़ों पर ले जाती और सेल्फी लेने के बहाने उसे खाई में धक्का देती। लेकिन खराब मौसम और अंधेरे की वजह से यह योजना विफल हो गई।
इसके बाद 23 मई को ‘प्लान बी’ के तहत राजा की हत्या की गई और सभी आरोपी घटनास्थल से 11 किलोमीटर दूर इकट्ठा हुए।
हत्या के बाद सोनम 25 मई को ट्रेन से सिलीगुड़ी होते हुए इंदौर पहुंची, जहां वह एक किराए के कमरे में रुकी। बाद में वह एक ड्राइवर की मदद से वाराणसी पहुंची और वहां से गाजीपुर चली गई, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया।
मेघालय पुलिस ने संकेत दिए हैं कि जांच अभी जारी है और अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

