जयपुर, 9 मई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था की एक अहम कड़ी है, जो विधिक मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व के साथ ही न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में भी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि हर व्यक्ति तक सुलभ, त्वरित और पारदर्शी न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो। इसी लक्ष्य के साथ राज्य सरकार प्रदेश में संवेदनशील, प्रभावी एवं जनोन्मुखी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री शनिवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में विधि एवं विधिक कार्य विभाग द्वारा लोक अभियोजकों एवं विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बदलते कानूनों और न्यायिक दृष्टिकोणों के अनुरूप अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। यह कार्यशाला लोक अभियोजकों को नए आपराधिक कानूनों, साइबर कानूनों तथा दिव्यांगजनों से जुड़े कानूनों के प्रति अधिक जागरूक, संवेदनशील एवं दक्ष बनाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीन नए कानूनों के माध्यम से भारतीय न्याय प्रणाली को औपनिवेशिक सोच से मुक्त कर भारतीय बनाने का परिवर्तनकारी कार्य किया है। इन नए कानूनों में दंड के स्थान पर न्याय को प्राथमिकता देते हुए इनके केन्द्र में आम नागरिक को रखा गया है। इन कानूनों में डिजिटल इंडिया एवं ई-गवर्नेंस के माध्यम से न्याय प्रणाली को आधुनिक बनाने पर बल दिया गया है।
प्रदेश में 42 न्यायालय किए स्थापित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस और अभियोजन को इन कानूनों की पूरी जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही, हमारी सरकार ने 42 न्यायालय स्थापित किए हैं। हमने फलौदी, डीडवाना-कुचामन, खैरथल-तिजारा, ब्यावर, बाड़मेर, डीग, कोटपूतली-बहरोड़ एवं सलूंबर में जिला एवं सेशन न्यायालय तथा बड़ी सादड़ी एवं केशोरायपाटन में नियमित अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायालय स्थापित किए हैं।
उन्होंने कहा कि झुंझुनूं, प्रतापगढ़, टोंक, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बारां और सीकर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विशिष्ट न्यायालय एवं हनुमानगढ़, सवाई माधोपुर, चूरू, बीकानेर तथा जोधपुर में पॉक्सो एक्ट के तहत विशेष न्यायालय एवं एनआई एक्ट के तहत झुंझुनूं में विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय खोले हैं।
27 हजार से अधिक लोगों को विधिक सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने 27 हजार से अधिक लोगों को विधिक सहायता उपलब्ध करवाई है तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम के तहत 4 हजार पीड़ितों को 85 करोड़ रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इसी तरह, 1 लाख 20 हजार विधिक साक्षरता शिविरों के माध्यम से करीब 77 लाख लोग लाभान्वित हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार द्वारा न्यायालय भवनों का विडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सुविधाएं प्रदान करते हुए डिजिटल न्याय प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी अत्यधिक सजग है। हमारी सरकार ने साइबर खतरों से बचाव हेतु साइबर सुरक्षा सिमुलेशन लैब की स्थापना की है। ऑपरेशन साइबर शील्ड चलाकर साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने एवं साइबर अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्यवाही करने का काम किया है। इसके अलावा लगभग 10 हजार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 12 लाख से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।
साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण की होगी व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य के समस्त पुलिस थानों पर साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं तथा वर्ष 2030 तक समस्त जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इसी तरह हमारी सरकार डिजिटल अरेस्ट सहित अन्य साइबर अपराधों पर नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए राजस्थान साइबर क्राइम कंट्रोल सेंटर की भी स्थापना करने जा रही है। राज्य सरकार साइबर अपराधों के एआई आधारित विश्लेषण तथा साइबर हेल्पलाइन कॉल सेंटर की व्यवस्था करेगी।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग दिव्यता का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के माध्यम से दिव्यांगों के लिए शिक्षा, समानता, गैर-भेदभाव और बाधा-मुक्त वातावरण का निर्माण किया है। उन्होंने लोक अभियोजकों और लोक अभियोजकों से आह्वान करते हुए कहा कि वे दिव्यांगजनों से जुड़े प्रकरणों में अधिक गंभीर और संवेदनशील बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में कानून सामाजिक न्याय और जनकल्याण का आधार बन चुका है। उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से लोक अभियोजकों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी तथा विशेषज्ञों के अनुभव और सुझाव विधि क्षेत्र में वर्तमान और भावी चुनौतियों का समाधान खोजने में मददगार साबित होंगे।
विधि एवं विधिक कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार हर व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के ध्येय के साथ कार्य कर रही है। इस अवसर पर महाधिवक्ता राजेन्द्र प्रसाद, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा, प्रमुख शासन सचिव विधि विभाग राघवेंद्र काछवाल सहित विधि एवं विधिक कार्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में लोक अभियोजकगण व अधिवक्तागण मौजूद रहे।

