देश के तीन राज्यों—हरियाणा, बिहार और ओडिशा—की 11 राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ। बिहार में सभी पांच सीटों पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की, जबकि ओडिशा में चार में से तीन सीटें एनडीए के खाते में गईं और एक सीट बीजू जनता दल (बीजेडी) ने जीती।
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नबीन को 44-44 वोट मिले। जनता दल (यू) के रामनाथ ठाकुर को 42 वोट और राष्ट्रीय लोक समता मोर्चा के नेता उपेंद्र कुशवाहा को भी 42 वोट मिले। भाजपा उम्मीदवार शिवेश राम को 30 वोट मिले, लेकिन दूसरी वरीयता के आधार पर उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के ए. डी. सिंह को हराया।
बिहार विधानसभा में एनडीए के सभी 202 विधायकों ने मतदान किया, जबकि महागठबंधन के चार विधायक वोटिंग में शामिल नहीं हुए। इनमें आरजेडी विधायक फैसल रहमान और कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र कुशवाहा तथा मनोज विश्वास शामिल बताए गए हैं।
ओडिशा में भाजपा के मनमोहन सामल और सुजीत कुमार ने जीत हासिल की। वहीं एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार Dilip Ray भी विजयी रहे। चौथी सीट पर बीजू जनता दल की संतृप्त मिश्रा ने जीत दर्ज की। मतदान के दौरान भुवनेश्वर में भाजपा और बीजेडी के विधायकों के बीच बहस और धक्का-मुक्की की खबर भी सामने आई।
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों पर मतदान के बाद मतगणना तय समय से करीब छह घंटे देरी से शुरू हुई। यहां भाजपा ने कांग्रेस के दो विधायकों के वोट की गोपनीयता भंग होने की शिकायत की थी। भारत निर्वाचन आयोग ने एक कांग्रेस विधायक का वोट रद्द कर दिया, जबकि दूसरे वोट की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है।
हरियाणा में भाजपा उम्मीदवार संजय भाटिया की जीत लगभग तय मानी जा रही है, जबकि दूसरी सीट के लिए कांग्रेस के कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बीच मुकाबला बताया जा रहा है।
चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव की घोषणा की थी। इनमें से 26 सीटों पर उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए थे, जबकि बाकी 11 सीटों के लिए सोमवार को मतदान हुआ।

