राजस्थान के भरतपुर जिले के उच्चैन थाना इलाके में एक रेप पीड़िता ने आत्महत्या कर ली। इस मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने लिखा कि पुलिस की लापरवाही और सुनवाई नहीं होने के कारण पीड़िता ने यह कदम उठाया।
गहलोत ने अपनी पोस्ट में कहा, “मुख्यमंत्री के गृह जिले में ऐसी शर्मनाक घटना होना दुर्भाग्यपूर्ण है। महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ते जा रहे हैं और पुलिस फरियादियों की सुनवाई नहीं कर रही।” उन्होंने यह भी कहा कि कई बार जनसुनवाई में शिकायतें दर्ज की गईं, लेकिन ऐसा लगता है कि पुलिस को कोई परवाह नहीं है।
पुलिस ने दी सफाई
गहलोत के आरोपों के बाद भरतपुर पुलिस ने बयान जारी करते हुए कहा कि रेप पीड़िता की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज की गई थी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी न्यायिक हिरासत में है। आत्महत्या के मामले में भी परिजनों की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है और हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है।
परिजनों का आरोप
वहीं, पीड़िता के पति ने कहा कि एफआईआर में जिन तीन लोगों के नाम हटाए गए थे, वे लगातार उनकी पत्नी को प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि कई बार पुलिस को इसकी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना है कि यदि समय पर इन लोगों के खिलाफ कार्रवाई होती, तो उनकी पत्नी आज जिंदा होती।
यह घटना राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है। मामले की जांच जारी है।

