राजस्थान में हाल ही में हुई भारी बारिश से फसलें खराब होने के मुद्दे पर विधानसभा में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायकों ने किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया और सदन के भीतर जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
दोपहर 2 बजे जैसे ही विधानसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, कांग्रेस विधायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे। स्पीकर के बार-बार शांत रहने के आग्रह के बावजूद हंगामा जारी रहा। स्पीकर ने कहा, “मंत्री से जवाब दिलवाया गया, लेकिन आप लोगों ने सुना ही नहीं। वेल में आकर मिसबिहेव कर रहे थे, यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
हंगामे के बीच ही तीन विधेयक पारित कर दिए गए। कार्यवाही केवल 33 मिनट चली और उसके बाद सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस का आरोप – “सरकार हेलिकॉप्टर से घूम रही है, किसानों की सुध नहीं”
शून्यकाल के दौरान कांग्रेस विधायकों ने अतिवृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा उठाया। कांग्रेस विधायक अमित चाचाण और नरेंद्र बुडानिया ने कहा कि राज्य में लाखों एकड़ में फसलें बर्बाद हो गई हैं, लेकिन सरकार मुआवजे को लेकर गंभीर नहीं है। बुडानिया ने आरोप लगाया कि “सरकार हेलिकॉप्टर में घूम रही है, किसानों की तकलीफ देखने का वक्त नहीं है।”
इस मुद्दे पर आपदा राहत मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार पीड़ितों को उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया में जुटी है। हालांकि, उनके जवाब के दौरान ही कांग्रेस विधायक अशोक चांदना बिना अनुमति बोलने लगे और स्पीकर से बहस करने लगे, जिस पर सत्ता पक्ष की ओर से कड़ी आपत्ति जताई गई।
विधानसभा परिसर में कांग्रेस का प्रदर्शन
भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान और मुआवजे की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में भी प्रदर्शन किया। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ट्रैक्टर लेकर विधानसभा के वेस्टर्न गेट तक पहुंचे, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने ट्रैक्टर को अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस विधायक पैदल मार्च करते हुए एंट्री गेट तक पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
स्पीकर ने सरिस्का से जुड़े सवाल को किया स्थगित
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का सरिस्का टाइगर रिजर्व क्षेत्र में खनन से जुड़ा सवाल सूचीबद्ध था, लेकिन स्पीकर ने यह कहते हुए सवाल स्थगित कर दिया कि मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
किरोड़ी मीणा ने पेश किए नुकसान के आंकड़े
मंत्री किरोड़ी मीणा ने बताया कि भारी बारिश के चलते अब तक 193 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 36 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा सैकड़ों मवेशियों की मौत, हजारों मकानों व झोपड़ियों को नुकसान और कई परिवारों के कपड़े-बर्तन भी बर्बाद हुए हैं।

