कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने अपने दो दिवसीय बागड़-मेवाड़ दौरे के दौरान राजस्थान सरकार की कार्यशैली, कानून-व्यवस्था, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। इस दौरान उन्होंने उदयपुर में मीडिया से बातचीत की और डूंगरपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करने के साथ बेणेश्वर धाम में पूजा-अर्चना भी की।
उदयपुर में पत्रकारों से बातचीत के दौरान पायलट ने आरोप लगाया कि राज्य में सरकार जनप्रतिनिधियों के बजाय अधिकारियों के भरोसे चल रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों की भी सुनवाई नहीं हो रही है और प्रशासनिक जवाबदेही तय नहीं की जा रही।
उन्होंने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं और परिणामों में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। पायलट ने दावा किया कि सरकार रोजगार उपलब्ध कराने और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने में विफल रही है।
पायलट ने कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने प्रसूता महिलाओं की मौत, स्कूल भवनों से जुड़े हादसों और सड़क दुर्घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पंचायत, नगर निकाय और छात्रसंघ चुनाव समय पर नहीं कराए जाने पर भी सरकार को घेरा और आरोप लगाया कि चुनाव टाले जा रहे हैं।
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों, संसद की कार्यवाही और परिसीमन प्रक्रिया सहित कई राष्ट्रीय मुद्दों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की एथेनॉल नीति पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि लोगों को अपनी पसंद के ईंधन का विकल्प मिलना चाहिए।
उधर, डूंगरपुर जिले के आसपुर और सांवला में पायलट का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। उन्होंने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से संगठनात्मक मुद्दों पर संवाद किया।
अपने दौरे के दौरान सचिन पायलट डूंगरपुर स्थित बेणेश्वर धाम भी पहुंचे। यहां उन्होंने श्री हरि, ब्रह्मा, शिव और महर्षि वाल्मीकि मंदिर में पूजा-अर्चना की तथा प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंदिर के पुजारियों और संतों ने उनका पारंपरिक स्वागत किया।
कांग्रेस का कहना है कि पायलट का यह दौरा संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं से संवाद का हिस्सा है, जबकि राज्य सरकार ने उनके आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है

