कोटा, 29 मई – राजस्थान के कोटा में कांग्रेस ने ‘संविधान बचाओ रैली’ का आयोजन किया, जिसमें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। दाधीच गार्डन में आयोजित इस रैली में डोटासरा ने भारतीय जनता पार्टी और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा।
डोटासरा ने कहा कि संविधान ने भारत के लोकतंत्र को वैश्विक स्तर पर मजबूत किया है, लेकिन मौजूदा सरकार उस संविधान को “तोड़, कुचल और उल्लंघन” कर रही है। उन्होंने राज्य की कानून व्यवस्था, बेरोजगारी और प्रशासनिक अराजकता के मुद्दे उठाते हुए कहा कि डेढ़ साल में मुख्यमंत्री कोई एक ऐसा काम नहीं गिना सकते जिससे बेरोजगारी घटी हो, महिलाओं की स्थिति मजबूत हुई हो या अपराधियों में भय पैदा हुआ हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रियों और अफसरों में तालमेल की कमी है – मंत्री विभागीय बैठक में नहीं आते और सीएस ब्यूरोक्रेसी की बैठक से गायब रहते हैं। डोटासरा ने दावा किया कि सरकार की कार्यप्रणाली में संविधान का उल्लंघन हो रहा है।
भाजपा पर हमला और वसुंधरा राजे का जिक्र
डोटासरा ने कहा कि भाजपा नेताओं में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लेकर मतभेद हैं और उनकी स्वीकार्यता खुद उनकी पार्टी में भी नहीं है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर कहा कि वह तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रही थीं, लेकिन जैसे ही उनके नाम की जगह दूसरा नाम आया, उनके चेहरे की हवाइयां उड़ गईं।
सीजफायर पर भी उठाए सवाल
सीजफायर के मुद्दे पर बोलते हुए डोटासरा ने कहा कि अगर सेना का शौर्य न होता तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप भारत की “नाक काट” लेते। वहीं, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने आतंकवादी घटना के बाद विपक्ष से सहयोग लेने के बावजूद राजनीतिक फायदे के लिए उसे भुनाया। उन्होंने कहा कि जब देश ग़म में डूबा था, तब प्रधानमंत्री बिहार में रैली कर रहे थे।
सभा में कई वरिष्ठ नेता मौजूद
रैली में पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल, विधायक चेतन पटेल, हरिमोहन शर्मा, सीएल प्रेमी, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी, राखी गौतम, रामनारायण मीणा सहित कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने भी रैली में भाग लिया।

