प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन दौरे के अंतिम दिन शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आतंकवाद को दुनिया के लिए सबसे बड़ा खतरा करार दिया।
मोदी ने हाल ही में हुए पहलगाम हमले का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आतंकवाद का सबसे भयावह रूप है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत पिछले चार दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है और सवाल उठाया कि आखिर कुछ देशों का खुले तौर पर आतंकवाद का समर्थन करना कैसे स्वीकार किया जा सकता है।
बैठक से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। तीनों नेता एक-दूसरे से हाथ मिलाते और बातचीत करते नजर आए। इस दौरान मोदी ने पुतिन को गले भी लगाया।
बैठक में रूस-यूक्रेन युद्ध का मुद्दा भी उठा। पुतिन ने कहा कि यूक्रेन संकट के समाधान के लिए भारत के प्रयासों की वह सराहना करते हैं।

