केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज जयपुर स्थित चौधरी चरण सिंह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग (CCS-NIAM) के पांचवें दीक्षांत समारोह में अध्यक्षता की। शिवराज सिंह चौहान ने संस्थान से डिग्री प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य मेडल वितरित किए। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने संस्थान के 191 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं और सभी को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर चौहान ने सीसीएस एनआईएएम, जयपुर में नव-निर्मित 200 क्षमता वाले बालक छात्रावास का शिलान्यास भी किया। साथ ही उन्होंने संस्थान परिसर में हरित वातावरण को बढ़ावा देने हेतु पौधारोपण भी किया। दीक्षांत समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी एवं देवेश चतुर्वेदी, सचिव, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, मुक्तानंद अग्रवाल, महानिदेशक एवं संयुक्त सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और पुष्पेंद्र सिंह चौहान, कुलपति, कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय राजस्थान भी उपस्थित थे।
दीक्षांत समारोह को सम्बोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि यह केवल दीक्षांत समारोह नहीं, बल्कि “आशीर्वाद, उत्तरदायित्व और नए आरंभ” का अवसर है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल प्रमाण-पत्रों तक सीमित न रहकर किसानों एवं कृषि क्षेत्र के जीवन में वास्तविक परिवर्तन लाने का माध्यम बननी चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को रोजगार खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि भारत ने उत्पादन एवं उत्पादकता की चुनौतियों को पार करते हुए वैश्विक खाद्य भंडार के रूप में पहचान बनाई है, किंतु अब किसानों की आय स्थिरता, बाजार अस्थिरता, आपूर्ति श्रृंखला सुदृढ़ीकरण, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग एवं निर्यात विस्तार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि दीक्षांत समारोह अब प्रति वर्ष आयोजित किया जाएगा तथा 200 शैय्या वाला छात्रावास इसी वर्ष पूर्ण कर लिया जाएगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने पाँच स्टार्टअप्स—सिंगोदवाला वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड, निमित मधुमक्खीवाला प्राइवेट लिमिटेड, एसएनपी सुपरफूड्स एलएलपी, बहुला फ़ूड्स प्राइवेट लिमिटेड तथा जगतसुख इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड—द्वारा विकसित नवीन उत्पादों का शुभारंभ किया। उत्पाद शुभारंभ के पश्चात अतिथियों ने स्टार्टअप प्रतिनिधियों से संवाद कर उन्हें प्रोत्साहित किया।
शिवराज सिंह चौहान द्वारा “Handbook of Entrepreneurial Ecosystems” शीर्षक पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक उद्यमिता एवं उससे जुड़े पारिस्थितिकी तंत्र की गहन समझ प्रदान करने वाली एक व्यापक शैक्षणिक मार्गदर्शिका है, जिसमें उद्यमी दृष्टिकोण एवं कौशल, अवसर पहचान एवं व्यवसाय योजना, वित्तीय सहायता, विधिक एवं नैतिक पहलू तथा उद्यम स्थापना एवं विस्तार की रणनीतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई है।
भागीरथ चौधरी, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और सभ्यता की जड़ें कृषि में निहित हैं तथा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य तभी संभव है जब किसान समृद्ध एवं आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने अन्नदाता को सम्मान, न्याय एवं गरिमा प्रदान करने पर बल देते हुए कहा कि किसानों का कल्याण विकास नीतियों का केंद्र बिंदु होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसानों के उत्थान हेतु अपने ज्ञान एवं कौशल को समर्पित करने और नवाचार एवं सेवा भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
देवेश चतुर्वेदी, सचिव, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने अपने संबोधन में प्रति वर्ष दीक्षांत समारोह आयोजित करने के निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी परंपराएँ शैक्षणिक संस्कृति को सुदृढ़ करती हैं और विद्यार्थियों को उत्कृष्टता हेतु प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि उत्पादन एवं उत्पादकता महत्वपूर्ण हैं, किंतु किसानों के लिए सुनिश्चित एवं लाभकारी मूल्य उतने ही आवश्यक हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि वर्तमान में केवल लगभग 23 फसलें ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के दायरे में हैं तथा मूल्य अनिश्चितता किसानों की आय को प्रभावित कर रही है। उन्होंने बागवानी फसलों सहित अन्य फसलों को मूल्य समर्थन से जोड़ने और बाजार तंत्र को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही विद्यार्थियों से एमएसपी, मंडी सुधार, कृषि व्यापार एवं वैश्विक बाजार व्यवस्था की गहन समझ विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने एग्री-स्टार्टअप, कृत्रिम बुद्धिमत्ता तथा उभरती प्रौद्योगिकियों के माध्यम से नवाचार को आधुनिक कृषि की आधारशिला बताते हुए युवाओं को ज्ञान, नवाचार और नीतिगत समझ के समन्वय से कृषि अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए प्रेरित किया।
मुक्तानंद अग्रवाल, संयुक्त सचिव एवं महानिदेशक, केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए संस्थान में संचालित विभिन्न शैक्षणिक, शोध एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि पीजीडीएम–एबीएम कार्यक्रम ने 25 वर्ष की गौरवपूर्ण यात्रा पूर्ण कर ली है तथा स्थापना से अब तक 100 प्रतिशत प्लेसमेंट का उत्कृष्ट रिकॉर्ड बनाए रखा है, जो संस्थान की गुणवत्ता एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा का प्रमाण है।
चौधरी चरण सिंह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल मार्केटिंग के पंचम दीक्षांत समारोह के दौरान पीजीडीएम–एबीएम बैच 2021–23, 2022–24 एवं 2023–25 के विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इन तीनों बैचों के कुल 183 विद्यार्थियों ने कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूर्ण किया। इसके अतिरिक्त पीजीडीएम–आईईवी बैच 2023–25 के 8 विद्यार्थियों ने भी अपना कार्यक्रम पूर्ण किया। इस प्रकार कुल 191 विद्यार्थियों को दीक्षांत समारोह में स्नातकोत्तर उपाधि प्रदान की गई।

