राज्यस्तरीय कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं में साक्ष्य-आधारित निर्णय पर जोर,स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी मूल्यांकन को नई दिशा मिलेगी

Health Jodhpur Rajasthan

जयपुर, 19 सितंबर। एम्स, जोधपुर के रिसोर्स सेंटर फॉर हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट (आरसीएचटीए) द्वारा राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में प्रमाण-आधारित निर्णय प्रक्रिया को सशक्त बनाने के लिए राज्य परामर्श कार्यशाला शुक्रवार को जयपुर में आयोजित की गई । यह कार्यशाला स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सहयोग से आयोजित हुई, जिसमें 50 से अधिक राज्य स्वास्थ्य अधिकारी, कार्यक्रम निदेशक, शिक्षाविद और विशेषज्ञों ने भाग लिया।

“एविडेंस-इन्फॉर्म्ड डिसीजन मेकिंग हेतु आकलनः ‘‘हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट परिप्रेक्ष्य” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का उद्घाटन एनएचएम राजस्थान के मिशन निदेशक डॉ. अमित यादव ने किया। कार्यशाला में एनएचएम राजस्थान की अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला भी उपस्थित रहीं। डॉ. यादव ने हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट (एचटीएम) की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक किफायती और समानतामूलक बनाया जा सकता है। विशेषज्ञ सत्रों में एचटीएम के व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर चर्चा हुई।

वैज्ञानिक डॉ. कृष्णा सी. साहू ने राज्य स्तरीय निर्णय प्रक्रिया में हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट की उपयोगिता पर प्रकाश डाला और भारत से जुड़े उदाहरण साझा किए। वैज्ञानिक डॉ. ओशिमा सचिन ने देश में हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट का परिचय प्रस्तुत किया और इसके राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को सामने रखा।

एम्स, जोधपुर के प्रोफेसर डॉ. कुलदीप सिंह ने संस्थान की हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट संबंधी दृष्टि साझा की और महत्वपूर्ण अध्ययनों जैसे इंट्राक्रैनियल ब्लीड डिटेक्टर एवं हीमोग्लोबिनोमीटर आकलन पर जानकारी दी। राज्य हेल्थ टेक्नोलॉजी असेसमेंट के नोडल अधिकारी डॉ. प्रेम सिंह ने राज्यस्तरीय क्षमता निर्माण, संस्थानों के बीच सहयोग और प्राथमिक शोध क्षेत्रों की पहचान पर बल दिया।

कार्यशाला में मेडिकल कॉलेजों के प्रोफेसरों, एनएचएम परियोजना निदेशकों और राज्य कार्यक्रम प्रबंधकों ने सक्रिय भागीदारी की और प्राथमिक शोध क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया।

यह कार्यशाला राज्य में स्वास्थ्य नीति और योजना में एचटीएम के एकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई और राज्य की प्रमाण-आधारित एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत किया।