बडगाम मुठभेड़ में मारा गया आतंकी यासिर, पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा बताया

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जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए आतंकी की पहचान यासिर उर्फ़ अबु तल्हा के रूप में हुई है। जम्मू-कश्मीर पुलिस के मुताबिक, यासिर पाकिस्तानी नागरिक था और प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था।

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यासिर कई सालों से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था और मई 2024 में पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले समेत कई आतंकी घटनाओं से उसका कथित संबंध था। उस हमले में कॉर्पोरल विक्की पहाड़े की मौत हुई थी और चार जवान घायल हुए थे।

पुलिस के मुताबिक, यासिर गुरुवार को बडगाम के अशदार जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में मारा गया। इलाके में तलाशी अभियान जारी है।

पहलगाम हमले की जांच से भी जुड़ा नाम

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर का नाम पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया था। एजेंसियों को पहले एक तस्वीर मिली थी, जिसमें चार संदिग्ध आतंकी दिखाई दे रहे थे।

जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, इस समूह के कई सदस्यों को अलग-अलग अभियानों में मारा जा चुका है, जबकि हाशिम मूसा के अब भी सक्रिय होने की बात कही जा रही है।

पुलिस ने यासिर की तस्वीर साझा करते हुए कहा कि आतंकी भाग सकता है, लेकिन छिप नहीं सकता।

पुंछ में एयरफोर्स के काफिले पर हमले का आरोप

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, यासिर मई 2024 में पुंछ के सुरनकोट इलाके में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हुए हमले से जुड़े आतंकियों के नेटवर्क का हिस्सा था। इस हमले में कॉर्पोरल विक्की पहाड़े शहीद हुए थे।

एजेंसियां दिसंबर 2023 में पुंछ के डेरा की गली में सेना के वाहनों पर हुए हमले को भी इसी आतंकी नेटवर्क से जोड़ती रही हैं। उस हमले में चार जवानों की मौत हुई थी।

चार सदस्यीय समूह में अब सिर्फ़ हाशिम मूसा के सक्रिय होने का दावा

सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यासिर 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर के चार सदस्यीय समूह का हिस्सा था। इसमें जुनैद रमजान, सुलेमान, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे।

जुनैद रमजान पहले ही मारा जा चुका था, जबकि सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक सुलेमान भी एक अभियान में मारा गया। अब इस समूह में हाशिम मूसा के सक्रिय सदस्य के तौर पर बचे होने की बात कही जा रही है।

दो महीने बाद घाटी में मुठभेड़

बडगाम की यह मुठभेड़ घाटी में करीब दो महीने बाद हुई है। इससे पहले 9 जुलाई को शोपियां के चानपोरा में सुरक्षा बलों ने लश्कर-ए-तैयबा के दो आतंकियों को मार गिराने का दावा किया था।