जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी ग्लोबल कन्वेंशन एंड एक्सपो–2026 में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उत्पादन, स्वदेशी और स्वभाषा सबसे अहम कड़ियां हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत शीघ्र ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि माहेश्वरी समाज ने इतिहास में हर दौर में राष्ट्र की जरूरतों के अनुसार भूमिका निभाई है—चाहे मुगलों के खिलाफ संघर्ष हो, स्वतंत्रता आंदोलन हो या आजादी के बाद देश को आत्मनिर्भर बनाने की कोशिशें। उन्होंने कहा कि यह समाज परंपरा और प्रगति को साथ लेकर चलने का उदाहरण है और हमेशा जॉब सीकर नहीं बल्कि जॉब क्रिएटर रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद भारत की अर्थव्यवस्था 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंची है और निर्यात, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल ट्रांजैक्शन, स्टार्टअप, मोबाइल निर्माण और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और भारतीय भाषाओं को व्यवहार में अपनाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को हासिल करने में माहेश्वरी समाज की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवाचार, तकनीक और उद्यमशीलता के माध्यम से समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि माहेश्वरी समाज सेवा, त्याग और सदाचार की मिसाल है और शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक कल्याण व आर्थिक विकास में उसका योगदान उल्लेखनीय रहा है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की भी सराहना की।
कार्यक्रम में अमित शाह ने माहेश्वरी समाज को समर्पित एक डाक टिकट जारी किया और माहेश्वरी गौरव ग्रंथ सहित कई प्रकाशनों का विमोचन किया। सम्मेलन में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत समेत कई जनप्रतिनिधि और समाज के सदस्य मौजूद रहे।

