वर्तमान राजनीतिक माहौल में सोशल मीडिया की भूमिका एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी ,सीमित संसाधनों में भी हिम्मत से काम कर रहे हैं कंटेंट क्रिएटर्स:अशोक गहलोत,पूर्व मुख्यमंत्री राजस्थान

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जयपुर, 30 जून। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार को ‘विश्व सोशल मीडिया दिवस’ के अवसर पर जयपुर स्थित कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से आए डिजिटल मीडिया जर्नलिस्ट्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और प्रबुद्धजनों से सार्थक संवाद किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने सोशल मीडिया के बढ़ते महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए और लोकतंत्र में इसकी भूमिका को रेखांकित किया। इस दौरान कई सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स ने सोशल मीडिया तथा अपने काम को लेकर जानकारी दी एवं विचार व्यक्त किए।

वर्तमान राजनीतिक माहौल में सोशल मीडिया की भूमिका बेमिसाल और एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी

गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की ताकत की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में सोशल मीडिया की भूमिका वाकई बेमिसाल और ‘एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी’ है। आज के दौर में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स बेहद हिम्मत और कड़ी मेहनत के साथ अपने विचारों को जनता के सामने रख रहे हैं। उन्होंने क्रिएटर्स की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि ये युवा और पत्रकार अपने सीमित संसाधनों के बावजूद, उनसे आगे बढ़कर बेहतरीन काम कर रहे हैं जो कि काबिलेतारीफ है।

अरावली बचाओ मुहिम और राम मंदिर चंदा चोरी मुद्दे का किया जिक्र :

सोशल मीडिया के जरिए सामाजिक मुद्दों में आने वाले बदलावों का जिक्र करते हुए गहलोत ने ‘अरावली बचाओ’ अभियान का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चली इस मुहिम ने इसे इतना बड़ा मुद्दा बना दिया कि आखिरकार सुप्रीम कोर्ट को खुद अपने ही फैसले पर रोक लगानी पड़ी। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर कहा कि यह मुद्दा इस समय सोशल मीडिया पर पूरी तरह छाया हुआ है और सोशल मीडिया ही इस गंभीर विषय को प्रमुखता से उठा रहा है।

पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की डिजिटल पॉलिसी और क्रेडिबिलिटी बनाए रखने का संदेश :

अपने संबोधन में पूर्व मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार ने डिजिटल मीडिया के महत्व को समझते हुए उनके कल्याण और सहयोग के लिए एक प्रभावी ‘डिजिटल मीडिया पॉलिसी’ बनाई थी, लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार बदल गई।
इसके साथ ही उन्होंने सभी सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंसर्स को एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में आपकी ‘क्रेडिबिलिटी’ (विश्वसनीयता) सबसे ऊंची होनी चाहिए। अगर आपकी विश्वसनीयता मजबूत होगी, तो जनता का विश्वास आप पर हमेशा बना रहेगा।

देश के राजनीतिक हालात और हॉर्स ट्रेडिंग पर गहरी चिंता :

मंच से बोलते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने देश के वर्तमान राजनीतिक हालात पर भी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने राजनीतिक शुचिता में आ रही गिरावट और जिस प्रकार से जनप्रतिनिधियों की ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ हो रही है, उस पर तीखा कटाक्ष किया।

इस मौके पर गहलोत ने सभी उपस्थित सोशल मीडिया क्रिएटर्स को आश्वस्त किया कि अभिव्यक्ति की आजादी और सही मुद्दों को उठाने के लिए सोशल मीडिया को उनका हरसंभव और मजबूत समर्थन हमेशा मिलता रहेगा।

इससे पहले गहलोत के हाल के सोशल मीडिया अभियानों जैसे इंतज़ार शास्त्र, अरावली बचाओ इत्यादि पर एक प्रेजेंटेशन भी प्रस्तुत की गयी जिसके माध्यम से उनकी सोशल मीडिया के जरिए बदलाव लाने के प्रयासों को रेखांकित किया गया।

इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और जयपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा ने भी अपने विचार व्यक्त किए और सोशल मीडिया की ताकत को सराहा। विश्व सोशल मीडिया दिवस इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौड़ द्वारा किया गया था। कार्यक्रम के समापन पर राठौड़ ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों, पत्रकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।