राजस्थान के कोटा और आसपास के इलाकों में तेज बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। कोटा जिले के सुल्तानपुर कस्बे में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। अमरपुरा और खेड़ली काल्या तालाब ओवरफ्लो हो गए हैं, जिससे पानी बस्तियों में घुस गया है। प्रशासन ने कई इलाकों को खाली करवाया है और एसडीआरएफ टीमें लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
दीगोद थाना क्षेत्र के निमोदा गांव में एक मकान पानी से घिरकर टापू बन गया है। परिवार के लोग छत पर शरण लिए हुए हैं और मदद की गुहार लगा रहे हैं। जिले के कलेक्टर पीयूष समारिया ने 23 अगस्त को सभी स्कूलों में छुट्टी की घोषणा की है, हालांकि तय परीक्षाएं होंगी।
शहर की कई कॉलोनियां पानी में डूब गई हैं। केंद्रीय विद्यालय-2 में तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे बच्चों को लौटना पड़ा। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर भी पानी भर गया है, जिससे यातायात बाधित हुआ है।
कोटा बैराज के कैचमेंट एरिया में बारिश के चलते तड़के से गेट खोले गए हैं। सुबह 8 बजे तक तीन गेटों से 25 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था।
उधर, सुल्तानपुर के बाजारों में पानी घुसने से दुकानों को नुकसान हुआ है और पूरा बाजार बंद है। मौसम विभाग ने जिले में आगे भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

