राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार को अलग-अलग जिलों में कार्रवाई करते हुए एक पटवारी, एक सरकारी डॉक्टर, एक हेड कांस्टेबल और एक कथित दलाल को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इन सभी मामलों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
बाड़मेर में एसीबी ने धनाऊ तहसील के ईटादा पटवार मंडल के पटवारी संजय कुमार मीणा को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार, आरोपी ने कृषि भूमि के व्यावसायिक परिवर्तन (कन्वर्जन) की प्रक्रिया में सहयोग करने और मौका रिपोर्ट पेश करने के बदले कुल 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान 5 हजार रुपये पहले ही लिए जा चुके थे, जबकि शेष 15 हजार रुपये लेते समय उसे गिरफ्तार किया गया।
वहीं, राजसमंद में आर.के. राजकीय चिकित्सालय के कनिष्ठ विशेषज्ञ (जनरल सर्जरी) डॉ. पंकज जैन को 1,300 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया। एसीबी के मुताबिक, डॉक्टर पर एक बच्चे की आंख के पास मौजूद गांठ (सिस्ट) के ऑपरेशन के बदले 2 हजार रुपये मांगने का आरोप था। सत्यापन के दौरान 500 रुपये लेने के बाद शेष 1,300 रुपये लेते समय उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया।
उधर, ब्यावर में एसीबी ने सदर थाना के हेड कांस्टेबल रामाकिशन और कथित दलाल कानाराम को रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार, एक पुलिस परिवाद में राजीनामा कराने के एवज में तय राशि के अतिरिक्त 8 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। कार्रवाई के दौरान दलाल ने एसीबी टीम को देखकर रिश्वत की रकम अपने परिचित राहुल काठात को दे दी, जो मौके से फरार हो गया। उसकी तलाश जारी है।
एसीबी का कहना है कि तीनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

