प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के 30वें दिन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक 49.68 लाख श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके थे। 13 जनवरी से अब तक कुल 44.74 करोड़ से अधिक लोग आस्था की डुबकी लगा चुके हैं।
माघ पूर्णिमा स्नान के लिए कड़े इंतजाम
12 फरवरी को होने वाले माघ पूर्णिमा स्नान के मद्देनजर प्रशासन ने यातायात प्रबंधन को और सख्त कर दिया है। 10 फरवरी की रात 8 बजे से 13 फरवरी की सुबह 8 बजे तक मेले के भीतर किसी भी वाहन को अनुमति नहीं दी जाएगी। सिर्फ प्रशासनिक और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट होगी।
सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश
सोमवार शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि माघ पूर्णिमा पर यातायात और भीड़ प्रबंधन के नियम सख्ती से लागू किए जाएं। उन्होंने कहा,
“सड़कों पर वाहनों की कतारें न लगें और न ही जाम की स्थिति बने। पार्किंग से मेला परिसर तक शटल बसों की संख्या बढ़ाई जाए। रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर अधिक भीड़ न जमा हो, इसके लिए मेला स्पेशल ट्रेनें और परिवहन निगम की अतिरिक्त बसें चलाई जाएं। हर श्रद्धालु की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है।”
अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती
सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एसटीएफ प्रमुख अमिताभ यश को विशेष विमान से प्रयागराज भेजा। साथ ही 52 नए IAS, IPS और PCS अधिकारियों को भी तत्काल ड्यूटी जॉइन करने का आदेश दिया गया है।
यातायात के लिए नया मार्ग
महाकुंभ में भीड़ को सुचारू रूप से नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं के आने-जाने के मार्गों में बदलाव किया गया है:
- संगम जाने का रास्ता: श्रद्धालु जीटी जवाहर मार्ग से प्रवेश करेंगे और काली रैम्प होते हुए संगम अपर मार्ग से संगम तक पहुंचेंगे।
- वापसी का रास्ता: संगम से अक्षयवट मार्ग होते हुए इंटरलॉकिंग वापसी मार्ग से त्रिवेणी मार्ग के जरिए बाहर निकल सकेंगे।
प्रशासन का कहना है कि माघ पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है, ऐसे में सभी इंतजाम कड़े किए जा रहे हैं ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

