उदयपुर: उदयपुर के पूर्व राजपरिवार में चल रहे संपत्ति विवाद से जुड़े मामले की सुनवाई मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट में हुई। इस मामले में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनकी बहन पद्मजा कुमारी परमार पक्षकार हैं।
पद्मजा कुमारी परमार ने अपने दिवंगत पिता अरविंद सिंह मेवाड़ की संपत्तियों पर प्रशासनिक अधिकार देने की मांग करते हुए अदालत में याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि उनके पिता का निधन बिना वसीयत छोड़े हुआ था। हालांकि अदालत ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति सुब्रमणियम प्रसाद ने सुनवाई के दौरान कहा कि जब मृतक के भाई द्वारा प्रस्तुत वसीयत से जुड़ा मामला पहले से अदालत में लंबित है, तब केवल इस आधार पर कि वसीयत नहीं है, कोई नई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। हालांकि अदालत ने पद्मजा कुमारी को अपने भाई के दावों के जवाब में संदिग्ध परिस्थितियों से जुड़े तर्क रखने की अनुमति दी है। मामले की अगली सुनवाई 4 मई को तय की गई है।
फैसले के बाद उदयपुर में सिटी पैलेस, उदयपुर के पास स्थित जगदीश चौक में कुछ लोगों ने आतिशबाजी कर खुशी जताई। बाद में लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ अपने परिवार के साथ जगदीश मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे, जहां स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने उनका स्वागत किया।
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “सत्य की जीत हुई है” और लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद के बाद उन्हें राहत महसूस हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सच्चाई सामने आने से उनके दिवंगत पिता को भी शांति मिलेगी।

