केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नीदरलैंड्स के वेल्डहोवेन में स्थित दुनिया की अग्रणी सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता कंपनी एएसएमएल (ASML) के मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में सुसंगत नीतियों और मजबूत प्रतिभा आधार के कारण वैश्विक उपकरण निर्माता देश की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
दौरे के दौरान अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत ने एक नए सेमीकंडक्टर उद्योग की शुरुआत की है, जिसमें लिथोग्राफी सबसे जटिल और अत्यधिक सटीक प्रक्रिया है। लिथोग्राफी के ज़रिये ही वेफर पर सर्किट प्रिंट किए जाते हैं, जो पूरी सेमीकंडक्टर विनिर्माण श्रृंखला की रीढ़ मानी जाती है।
उन्होंने बताया कि एएसएमएल दुनिया की अग्रणी लिथोग्राफी उपकरण प्रदाता कंपनी है और वैश्विक स्तर पर लगभग हर आधुनिक चिप के निर्माण में इसकी तकनीक का इस्तेमाल होता है। मंत्री ने कहा कि गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाली भारत की फैब यूनिट में भी एएसएमएल के उपकरण लगाए जाएंगे। इसी वजह से वे एएसएमएल की अत्याधुनिक तकनीक को करीब से समझने के लिए यहां पहुंचे हैं।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यदि एएसएमएल भारत में अपनी मौजूदगी दर्ज कराता है, तो यह देश के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम के लिए एक अहम उपलब्धि होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी स्थिर नीतियों, भारत की मजबूत डिजाइन क्षमताओं और बड़ी प्रतिभा पूंजी को इसकी प्रमुख वजह बताया।
एएसएमएल एक डच बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो फोटोलिथोग्राफी मशीनों के निर्माण में वैश्विक अग्रणी मानी जाती है। ये मशीनें सिलिकॉन पर बेहद सूक्ष्म पैटर्न तैयार करने में सक्षम बनाती हैं, जिससे छोटे, तेज़ और ऊर्जा-कुशल चिप्स बनाए जा सकते हैं। हाल ही में एएसएमएल के एक प्रतिनिधिमंडल ने सेमीकॉन इंडिया 2025 में हिस्सा लिया था, जहां उसने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में साझेदार बनने में गहरी रुचि जताई थी।

