वसुंधरा राजे बोलीं- ‘पत्रकारिता अंधेरे में टॉर्च की तरह,लेकिन खबर सच पर आधारित होनी चाहिए’

Jaipur Rajasthan

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा है कि पत्रकारिता लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है और यह “अंधेरे में टॉर्च” की तरह काम करती है, बशर्ते वह सच पर आधारित हो।

जयपुर में आयोजित ‘मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड’ समारोह में बोलते हुए वसुंधरा राजे ने कहा कि टीआरपी की होड़ में खबरों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “न्यूज़ को न्यूज़ ही रखना चाहिए, उसमें व्यूज़ शामिल नहीं होने चाहिए।”

उन्होंने पत्रकारों को सलाह देते हुए कहा कि किसी बयान को उसके संदर्भ में समझकर ही खबर लिखी जानी चाहिए और भ्रम की स्थिति में संबंधित व्यक्ति से पुष्टि करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि “ब्रेकिंग न्यूज़” की जल्दबाज़ी में अर्थ का अनर्थ नहीं होना चाहिए।

वसुंधरा राजे ने पत्रकारिता की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए मशहूर पंक्तियों का जिक्र किया और कहा कि मीडिया की ताकत लोकतंत्र में बेहद अहम है, लेकिन खबरों में तथ्यों और जिम्मेदारी का संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

समारोह में विभिन्न मीडिया संस्थानों के पत्रकारों को ‘मनोज माथुर जर्नलिज्म अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। इस दौरान कई वरिष्ठ पत्रकार और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग मौजूद रहे।