जयपुर:-जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-द्वितीय ने अदालती आदेश की अवहेलना करने पर जेडीसी आनंदी, जेडीए सचिव निशांत जैन और जोन उपायुक्त राकेश मीना को 10-10 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी कर 29 मार्च को तलब किया है।
आयोग के अध्यक्ष ग्यारसीलाल मीना ने यह आदेश नकुलेश्वर दत्त के अवमानना प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान दिया।
क्या है मामला?
29 अक्टूबर 2024 को आयोग ने जेडीए को आदेश दिया था कि वह परिवादी को एक महीने में भूखंड का कब्जा दिलाए या फिर जमा राशि ₹6,88,532 को 18% ब्याज सहित लौटाए।
साथ ही ₹5.21 लाख का हर्जाना और प्रति दिन ₹1000 का अतिरिक्त मुआवजा देने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन जेडीए ने आदेश का पालन नहीं किया।
परिवादी को भूखंड नहीं मिला
परिवादी ने सीकर रोड स्थित रजत विहार आवासीय योजना में भूखंड के लिए आवेदन किया था। जेडीए ने भूखंड आवंटित तो कर दिया, लेकिन ना तो कब्जा दिया और ना ही राशि लौटाई।
जेडीए की लापरवाही और सेवा दोष के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर किया गया, जिसमें परिवादी के पक्ष में फैसला आया। अब अदालत के आदेश न मानने पर जेडीए अधिकारियों को 29 मार्च को पेश होने का आदेश दिया गया है।\

