कोटा और उसके आसपास के क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रामगंजमंडी, खैराबाद, कुदायला और मायला जैसे इलाकों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। हालात का जायजा लेने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला गुरुवार को खुद रामगंजमंडी पहुंचे। उन्होंने प्रभावित कॉलोनियों का दौरा किया और स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं।
बिरला ट्रैक्टर से कुदायला और मायला पहुंचे, जहां उन्होंने जलभराव से परेशान लोगों को आश्वासन दिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि नालों से अतिक्रमण हटाकर जलनिकासी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इस आपदा से सबक लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों की वीडियोग्राफी कर प्रस्ताव तैयार किए जाएं, जिससे भविष्य में जलभराव की समस्या से बचा जा सके।
48 घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश
बिरला ने प्रशासन को निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर 48 घंटे के भीतर नुकसान का सर्वे पूरा करें और रिपोर्ट भेजें। उन्होंने कहा कि राहत कार्यों में कोई देरी नहीं होनी चाहिए।
कुदायला में शुरू हुई रसोई, राहत सामग्री का वितरण
बिरला के निर्देश पर प्रभावित इलाकों में जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए कार्यकर्ताओं द्वारा निःशुल्क रसोई शुरू की गई है। जलभराव वाले इलाकों में खाना और राहत सामग्री वितरित की जा रही है। उन्होंने स्थानीय समाजसेवियों से अपील की कि कोई भी भूखा न सोए।
आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक, चंबल हादसे की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश
कोटा कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित आपदा प्रबंधन बैठक में बिरला ने चंबल नदी में निमोदा हरिजी के पास छह लोगों के बहने की हालिया घटना को दुखद बताया और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वर्षाजनित दुर्घटनाओं की आशंका वाले क्षेत्रों में राहत और बचाव दल नाव, प्रशिक्षित गोताखोर और सभी जरूरी उपकरणों के साथ तैनात किए जाएं। जरूरत पड़ने पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था भी हो।
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में समुचित प्रबंधन के निर्देश
बिरला ने निर्देश दिए कि नगर निगम और कोटा विकास प्राधिकरण नए नालों का निर्माण कराएं, सीवर की सफाई और सड़कों की मरम्मत तुरंत हो। कॉलोनियों की वीडियोग्राफी कर निगरानी टीम बनाई जाए। बिजली गुल होने और बंद रोड लाइट्स की शिकायतों का भी तुरंत समाधान किया जाए।
उन्होंने कहा कि बारिश से क्षतिग्रस्त स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और अन्य भवनों का सर्वे कर प्रस्ताव भेजा जाए। साथ ही ग्राम पंचायत स्तर पर व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर लोगों को समय रहते अलर्ट दिया जाए।
सभी आवश्यक सेवाएं रहें दुरुस्त
बिरला ने सभी स्वास्थ्य, पेयजल और जरूरी सेवाओं की मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में गांवों को पहले से सूचना देने और लोगों को नदियों व डूब क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह देने को कहा।
बजट में शामिल हों जरूरी कार्य
उन्होंने कहा कि एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं की सूची बनाएं, ताकि उन्हें बजट घोषणाओं में शामिल किया जा सके। नगर निगमों को पौधारोपण, कचरा प्रबंधन और गौशालाओं में शेड निर्माण के लिए भी निर्देश दिए गए हैं।
बैठक में जिला कलेक्टर पीयूष समारिया, कोटा शहर व ग्रामीण एसपी, नगर निगम आयुक्त और अन्य आपदा प्रबंधन अधिकारी मौजूद रहे।

