जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में महिला दिवस समारोह:‘घर की नींव की सबसे मजबूत ईंट महिला’:पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे

Jaipur Rajasthan


जयपुर स्थित जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित अभिनंदन एवं अवार्ड समारोह में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि घर की नींव की सबसे मजबूत ईंट महिला होती है और यदि वह नींव से हट जाए तो पूरा घर हिल जाता है।

उन्होंने कहा कि राजनीति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व अभी भी पर्याप्त नहीं है। उनके मुताबिक महिलाओं को उचित भागीदारी देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाया गया ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करेगा।

वसुंधरा राजे ने कहा कि समाज को पुरुष प्रधान बताना उन्हें कभी अच्छा नहीं लगा, क्योंकि पुरुष को जन्म देने वाली भी नारी ही है। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं और पुरुषों को समान अवसर मिलने चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2008 में शुरू की गई भामाशाह नारी सशक्तिकरण योजना के तहत महिलाओं को परिवार का मुखिया बनाने का प्रयास किया गया था। इसके अलावा पंचायत राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण भी इसी दिशा में उठाया गया कदम था।

महिलाओं को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि वे स्वविवेक से आगे बढ़ें, अपने और अपने परिवार के निर्णय स्वयं लें और आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने कहा कि यदि महिलाएं सशक्त होंगी तो वे अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने में मदद कर सकती हैं।

अपने संबोधन में उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के आंकड़े भी साझा किए। उन्होंने कहा कि 1947 में भारत में महिलाओं की साक्षरता दर करीब 8 प्रतिशत थी, जो अब लगभग 68 प्रतिशत हो चुकी है। उच्च शिक्षा में महिलाओं का नामांकन करीब 50 प्रतिशत है और देश में महिला उद्यमियों की संख्या दो करोड़ से अधिक है।

उन्होंने देश की प्रमुख महिला उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, पहली महिला आईएएस अन्ना राजम मल्होत्रा, पहली महिला आईपीएस किरण बेदी और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का उदाहरण दिया और कहा कि शिक्षा और सही मार्गदर्शन से महिलाएं हर क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।

इससे पहले वसुंधरा राजे ने एक एआई कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया और युवाओं को नई तकनीकों की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो देश एआई और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसी तकनीकों में आगे होगा, वही दुनिया का नेतृत्व करेगा।

राजे ने युवाओं से कहा कि वे सिर्फ नौकरी तलाशने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने का लक्ष्य रखें। उन्होंने भारतीय मूल के गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई का उदाहरण देते हुए कहा कि यदि भारतीय युवा वैश्विक स्तर पर पहचान बना सकते हैं तो राजस्थान के युवा भी ऐसा कर सकते हैं।

उन्होंने प्रदेश में बढ़ते नशे के खतरे पर चिंता जताते हुए युवाओं से इससे दूर रहने और समाज को जागरूक करने की अपील की।

कार्यक्रम में जेईसीआरसी विश्वविद्यालय के चेयरमैन ओ.पी. अग्रवाल, प्रेसिडेंट विक्टर गंभीर, वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल, अर्पित अग्रवाल, निधि अग्रवाल, डीन रेणू पारीक और शिवानी कौशिक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। वहीं ‘सशक्त युवा–सशक्त राष्ट्र’ सम्मेलन में महंत कैलाश और अंकित धायल भी उपस्थित थे।