छत्तीसगढ़-महाराष्ट्र सीमा पर सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रविवार को हुई भीषण मुठभेड़ में 31 नक्सली मारे गए। ऑपरेशन में 1000 से ज्यादा जवान शामिल थे। मुठभेड़ में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) के दो जवान शहीद हो गए, जबकि दो अन्य घायल हुए हैं।
बस्तर रेंज के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि घटनास्थल से भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद किए गए हैं। बीजापुर के इंद्रावती नेशनल पार्क इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। वहीं, बीजापुर के एसपी जितेंद्र यादव ने कहा कि मारे गए नक्सलियों की संख्या बढ़ सकती है और ऑपरेशन अभी भी जारी है।
इस साल अब तक 81 नक्सली मारे गए
2024 की शुरुआत से अब तक छत्तीसगढ़ में 81 नक्सली मारे जा चुके हैं, जिनमें से 65 सिर्फ बस्तर संभाग में ढेर हुए हैं। पिछले साल, अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षाबलों ने 219 नक्सलियों को मार गिराया था।
आईजी सुंदरराज पी के मुताबिक, नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिलने के बाद ऑपरेशन शुरू किया गया था। बीजापुर DRG, STF और बस्तर फाइटर्स के जवानों ने नक्सलियों को चारों ओर से घेर लिया था।
हाल के बड़े ऑपरेशन
2 फरवरी: बीजापुर में 8 नक्सली ढेर
बीजापुर के गंगालूर थाना क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने 2 फरवरी को मुठभेड़ में 8 नक्सलियों को मार गिराया था। इस ऑपरेशन में 800-1000 जवान शामिल थे और मौके से इंसास राइफल, 303, 12 बोर गन और BGL लॉन्चर बरामद किए गए थे।
जनवरी: गरियाबंद में 16 नक्सली मारे गए
20-21 जनवरी को गरियाबंद जिले के जंगल में करीब 80 घंटे तक चले ऑपरेशन में 16 नक्सली मारे गए थे। इनमें से 12 नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 16 लाख रुपये का इनाम था।
मारे गए नक्सलियों में सेंट्रल कमेटी का सदस्य चलपति भी शामिल था, जिस पर अकेले 90 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इस मुठभेड़ में नुआपड़ा-गरियाबंद-धमतरी डिवीजन कमेटी का प्रमुख सत्यम गावड़े भी मारा गया था।
सुरक्षाबलों का नक्सलियों पर दबाव बढ़ा
हाल के महीनों में सुरक्षाबलों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार ऑपरेशन तेज किए हैं। बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे इलाकों में नक्सलियों की कमर तोड़ने के लिए बड़े ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से नक्सल नेटवर्क को कमजोर करने में सफलता मिल रही है।

