जयपुर में हनुमान बेनीवाल की अगुवाई में युवा आक्रोश महारैली,RPSC भंग कर पुनर्गठन की मांग

Jaipur Rajasthan

राजस्थान की राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके में रविवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व में ‘युवा आक्रोश महारैली’ आयोजित की गई। इस रैली में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा जुटे और सरकार के खिलाफ नाराज़गी जताई।

भीषण गर्मी के बावजूद बड़ी तादाद में लोग रैली में पहुंचे। रैली का मुख्य उद्देश्य पुलिस उप निरीक्षक भर्ती घोटाले की जांच और RPSC (राजस्थान लोक सेवा आयोग) के पुनर्गठन की मांग थी। रैली में बेनीवाल ने साफ कहा कि सरकार भर्ती घोटाले में संलिप्त अफसरों और मंत्रियों को बचाने का प्रयास कर रही है।

बेनीवाल का तीखा हमला

सभा को संबोधित करते हुए बेनीवाल ने कहा, “मैं किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, उस माँ की ओर से बोल रहा हूँ जो खेत बेचकर बेटे को पढ़ा रही है। उस युवा की आवाज़ उठा रहा हूँ जो भूखे पेट कोचिंग कर रहा है। सरकार को भ्रम नहीं होना चाहिए कि मैं अकेला खड़ा हूं, मेरे साथ राजस्थान का युवा, किसान, बेरोजगार और छात्र खड़ा है।”

उन्होंने RPSC को भ्रष्टाचार का गढ़ बताते हुए आयोग को भंग कर ईमानदार और योग्य अफसरों से पुनर्गठन की मांग की। इसके अलावा उन्होंने नॉर्मलाइजेशन प्रणाली खत्म करने और भर्ती कैलेंडर जारी करने की भी बात कही।

सरकार पर सीधा आरोप

बेनीवाल ने कहा कि पहले की सरकार में पेपर लीक की घटनाएं हुईं और अब की सरकार OMR बदलने की तकनीक लेकर आई है। उन्होंने कांग्रेस और बीजेपी को एक ही थाली के चट्टे-बट्टे बताते हुए कहा, “भाजपा सांपनाथ है तो कांग्रेस नागनाथ।”

सरकार की प्रतिक्रिया

रैली के दबाव को देखते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ और संभागीय आयुक्त पूनम, रैली स्थल पर पहुंचे और मंच से सांसद बेनीवाल के साथ वार्ता की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी मांगों को सरकार गंभीरता से लेकर उच्च स्तर पर भेजेगी।

चेतावनी और अगले कदम

बेनीवाल ने कहा कि आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं दिया, तो यह आंदोलन पूरे राज्य में फैलाया जाएगा और विधानसभा का घेराव किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात करेगा और अपनी मांगें औपचारिक रूप से रखेगा।

रैली ने राजस्थान की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है और अब सबकी निगाहें सरकार की प्रतिक्रिया और अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।