राजस्थान:जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में हाई-टेक ‘बज्ज’ फूड कोर्ट लॉन्च,छात्रों को मिलेगा स्मार्ट डाइनिंग अनुभव

Jaipur Rajasthan

राजस्थान की जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने बुधवार को तकनीक और नवाचार की दिशा में एक नई पहल करते हुए अत्याधुनिक स्मार्ट फूड कोर्ट ‘बज्ज – फूड, फ्रेंड्स, फन’ का शुभारंभ किया। यह फूड कोर्ट भारत की अग्रणी फूड-टेक कंपनी स्मार्टक्यू के सहयोग से तैयार किया गया है, जो दुनियाभर के 19 से अधिक देशों में फूड डिजिटलीकरण में अग्रणी मानी जाती है।

करीब 18,000 वर्ग फीट क्षेत्र में फैले इस फूड कोर्ट में 1200 छात्रों के एक साथ बैठने की व्यवस्था है और यह परिसर पूरी तरह एयर-कंडीशन्ड है। इसे खासतौर पर छात्रों को स्मार्ट और सुविधाजनक डाइनिंग अनुभव देने के उद्देश्य से डिजाइन किया गया है।

इस फूड कोर्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका पूरी तरह कैशलेस और मोबाइल ऐप-आधारित ऑर्डर सिस्टम है, जिससे छात्रों को लंबी कतारों से छुटकारा मिलेगा।

सिर्फ भोजन नहीं, अनुभव भी

जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी के डिजिटल स्ट्रेटेजी डायरेक्टर धीमंत अग्रवाल ने कहा, “भोजन केवल भूख नहीं, एक अनुभव भी है। ‘बज्ज’ छात्रों को तकनीक के माध्यम से वह अनुभव देता है। यह फूड कोर्ट सिर्फ खाने की जगह नहीं, बल्कि संवाद, रचनात्मकता और मनोरंजन का एक सक्रिय केंद्र है।”

यहां जैमिंग ज़ोन, म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स, गेम्स और सेलिब्रेशन स्पेस भी मौजूद हैं, जो इसे पारंपरिक कैंटीन से अलग बनाते हैं।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स की मौजूदगी

फूड कोर्ट में डोमिनोज़, मोती महल, बर्गर सिंग, डिवाइन डोसा, चाय गरम और द वाफल कंपनी जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स उपलब्ध हैं, जो छात्रों को विभिन्न स्वादों का अनुभव कराते हैं। यूनिवर्सिटी का कहना है कि आने वाले समय में यहां और भी हेल्दी और लोकप्रिय ब्रांड्स को जोड़ा जाएगा।

उद्घाटन समारोह में कई गणमान्य शामिल

इस उद्घाटन समारोह में स्मार्टक्यू की ओर से सीईओ कृष्ण वाघ, बिजनेस हेड शुभम अग्रवाल, एवीपी ग्रोथ रविंदर भाटेजा, एवीपी लीजिंग शिवेंद्र पंवार, सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर ऋषि गुप्ता, एसोसिएट बिजनेस हेड बरुण कुमार और साइट हेड शंकर उपस्थित रहे।

वहीं, यूनिवर्सिटी की ओर से वाइस चेयरपर्सन अमित अग्रवाल और अर्पित अग्रवाल, प्रेसिडेंट विक्टर गंभीर, रजिस्ट्रार एस.एल. अग्रवाल और प्राचार्य डॉ. वी.के. चंदना भी मौजूद थे।

यह स्मार्ट फूड कोर्ट उच्च शिक्षा में तकनीक और आधुनिक सुविधाओं को शामिल करने की दिशा में राजस्थान में एक नई मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।