जयपुर:-राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर स्थित अपने सरकारी आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदेश और देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भाजपा पर तीखे आरोप लगाए। गहलोत ने कन्हैयालाल हत्याकांड, कानून-व्यवस्था, आरजीएचएस योजना, स्कूल मर्जर, और जातिगत जनगणना जैसे मुद्दों को लेकर राज्य और केंद्र की भाजपा सरकारों को घेरा।
कन्हैयालाल हत्याकांड पर एनआईए की जांच पर सवाल
गहलोत ने सवाल उठाया कि तीन साल बीत जाने के बावजूद कन्हैयालाल हत्याकांड में न्याय क्यों नहीं मिला। उन्होंने कहा, “हमने तो चार घंटे में आरोपियों को पकड़ लिया था। केस एनआईए को सौंप दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। एनआईए कोर्ट में जज तक नहीं बैठते। परिवार और प्रदेशवासी पूछ रहे हैं—कब मिलेगा न्याय?” उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि वे इस संवेदनशील मुद्दे को चुनावी हथियार बनाकर सच्चाई को तोड़-मरोड़कर पेश करते रहे।
“पांच साल बनाम डेढ़ साल” पर भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली पर तंज
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा राज्य सरकार का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। “इतनी नाकाम सरकार मैंने पहले कभी नहीं देखी,” उन्होंने कहा। गहलोत ने मुख्यमंत्री के अखबार में छपे लेख पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “आज जिस अखबार में उनका लेख छपा, उसी में उनकी सरकार की पोल भी खुल गई।”
अलवर दलित युवक प्रकरण पर गहलोत की तीखी प्रतिक्रिया
अशोक गहलोत ने अलवर में दलित युवक को अगवा कर नग्न कर वीडियो बनाने की घटना को शर्मनाक और चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा, “ऐसा वीडियो मैंने जीवन में कभी नहीं देखा। यह घटना राजस्थान के भविष्य को लेकर गंभीर सवाल उठाती है।”
आरजीएचएस और हेल्थ स्कीम पर भाजपा सरकार को घेरा
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस शासन में शुरू की गई RGHS और चिरंजीवी जैसी योजनाएं आज देशभर में चर्चा का विषय हैं, लेकिन मौजूदा सरकार इन्हें कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी हेल्थ स्कीम पूरे देश में एक मॉडल बनी, लेकिन आज अस्पतालों को भुगतान नहीं किया जा रहा, जिससे व्यवस्था चरमरा गई है।”
जातिगत जनगणना को लेकर राहुल गांधी के मिशन का समर्थन
अशोक गहलोत ने जातिगत जनगणना को राहुल गांधी की “क्रांतिकारी सोच” करार दिया और कहा कि इससे गरीब, पिछड़े, दलित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाया जा सकेगा। उन्होंने कहा, “1931 के बाद आज तक कोई जातिगत जनगणना नहीं हुई है। अब वक्त आ गया है कि देश एक वैज्ञानिक आधार पर सामाजिक नीतियां बनाए।”
‘राइट टू हेल्थ’ और ‘गिग वर्कर एक्ट’ को बताया ऐतिहासिक
गहलोत ने कांग्रेस सरकार द्वारा लागू किए गए राइट टू हेल्थ कानून और गिग वर्कर कानून को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान पहला राज्य है जिसने डिलीवरी बॉय और रिक्शा चालकों जैसे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को कानूनन संरक्षण दिया।
भाजपा नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणियों का आरोप
भाजपा प्रदेश प्रभारी राधा मोहन दस अग्रवाल द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर की गई टिप्पणी पर गहलोत ने कहा कि यह अस्वीकार्य है। उन्होंने मनमोहन सिंह को विश्वप्रसिद्ध अर्थशास्त्री बताते हुए कहा कि “दुनिया उनके नेतृत्व की प्रशंसा करती है, और भाजपा नेता उनके खिलाफ बयानबाजी करके खुद को हास्यास्पद बना रहे हैं।”
राज्य में सरकार बदलने की अटकलों पर दी प्रतिक्रिया
गहलोत ने कहा कि अगर डेढ़ साल में ही सरकार बदलने की चर्चा शुरू हो गई है, तो यह राज्यहित में नहीं है। उन्होंने कहा, “मैंने कोई साजिश नहीं देखी, पर जो अफवाहें चल रही हैं, वो प्रदेश की स्थिरता के लिए ठीक नहीं हैं।”
सीएमओ में धक्का-मुक्की की खबरों पर चिंता
सीएमआर में हुए कथित विवादों पर गहलोत ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री कार्यालय में ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो सरकार को पारदर्शी ढंग से स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
निष्कर्ष
प्रेस वार्ता में अशोक गहलोत ने राज्य और केंद्र की भाजपा सरकारों की नीतियों और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई गंभीर मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि इन तमाम विषयों पर जनता को जवाब चाहिए और भाजपा नेतृत्व को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

