एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सी.पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार घोषित किया है। रविवार को दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में हुई संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनी। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी घोषणा की। राधाकृष्णन 21 अगस्त को नामांकन दाखिल करेंगे। इस मौके पर एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी मौजूद रहेंगे।
सी.पी. राधाकृष्णन का जन्म 1957 में तमिलनाडु के तिरुपुर में हुआ था। 16 साल की उम्र में वे आरएसएस से जुड़े। 1998 और 1999 में कोयंबटूर से सांसद चुने गए। 2004 से 2007 तक वे भाजपा तमिलनाडु के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। 2023 में उन्हें झारखंड का राज्यपाल बनाया गया था।
उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर को होगा और उसी दिन परिणाम भी घोषित किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने जानकारी दी है कि नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त है और उम्मीदवार 25 अगस्त तक नाम वापस ले सकते हैं।
चुनाव की प्रक्रिया
उपराष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा और राज्यसभा के सभी निर्वाचित व नामित सांसदों द्वारा किया जाता है। वर्तमान में कुल 782 सांसद इस निर्वाचन मंडल का हिस्सा होंगे। जीत के लिए कम से कम 391 वोटों की आवश्यकता है। मतदान गुप्त मतपत्र से होता है और सांसद उम्मीदवारों को प्राथमिकता के आधार पर वोट देते हैं।
एनडीए को बहुमत का भरोसा
लोकसभा और राज्यसभा में एनडीए के कुल मिलाकर 422 सांसदों का समर्थन होने का अनुमान है। ऐसे में राधाकृष्णन की जीत लगभग तय मानी जा रही है। पिछली बार 2022 में जगदीप धनखड़ को 528 वोट मिले थे जबकि विपक्षी उम्मीदवार मार्गरेट अल्वा को 182 वोट ही मिले थे।
सी.पी. राधाकृष्णन का मुकाबला किससे होगा, यह अभी तय नहीं है। विपक्ष की ओर से उम्मीदवार के नाम का ऐलान होना बाकी है।

