नई दिल्ली में शनिवार को केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल, और रेल, सूचना एवं प्रसारण तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने “जीएसटी बचत उत्सव” को लेकर संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि वित्त मंत्रालय द्वारा 54 प्रमुख उत्पादों की करीबी निगरानी से यह स्पष्ट हुआ है कि जीएसटी की संशोधित दरों का लाभ आम उपभोक्ताओं तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि “अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधार” नवरात्रि के पहले दिन लागू किए गए थे और जनता ने इसे सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है।
सीतारमण ने कहा, “हमने जीएसटी की रूपरेखा तैयार की, उसे लागू किया। यह कोई सुधार नहीं बल्कि जनता को राहत देने का एक सुनियोजित कदम है। दरों में कमी का सीधा लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है — यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में लगातार जारी प्रक्रिया है।”
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने इसे “डबल धमाका” बताते हुए कहा कि जीएसटी सुधारों से हर घर में राहत और समृद्धि दोनों पहुंची है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष नवरात्रि के दौरान ऑटो सेक्टर में ऐतिहासिक बिक्री दर्ज की गई — “मारुति, महिंद्रा और टाटा जैसी कंपनियों ने नए कीर्तिमान बनाए हैं।”
गोयल ने कहा कि अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में ₹2.5 लाख करोड़ की राहत जनता को दी जा रही है, जिससे निवेश, व्यापार और उपभोग में तेजी आई है। उन्होंने कहा कि सस्ती दैनिक वस्तुएं और बेहतर बुनियादी ढांचा अर्थव्यवस्था को नई गति दे रहे हैं।
रेलवे और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि जीएसटी सुधारों के चलते देश में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस नवरात्रि इलेक्ट्रॉनिक्स बिक्री में पिछले साल की तुलना में 20–25% वृद्धि हुई। टीवी, स्मार्टफोन, एसी और वॉशिंग मशीन जैसे उत्पादों की मांग ऐतिहासिक स्तर पर रही।
वैष्णव ने कहा कि “मांग में यह वृद्धि सीधे तौर पर विनिर्माण क्षेत्र में दो अंकों की वृद्धि में बदली है, जिससे अब तक 25 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिला है।” उन्होंने बताया कि भारत ने अब अमेरिका को स्मार्टफोन निर्यात में अपने पड़ोसी देश को पीछे छोड़ दिया है।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि दो सेमीकंडक्टर संयंत्र — सीजी सेमी और केंस — में उत्पादन शुरू हो गया है, जिससे भारत सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ा चुका है।
वैष्णव ने बताया कि जीडीपी के आंकड़ों के अनुसार, उपभोग और निवेश दोनों में 10% तक की वृद्धि दर्ज हुई है। इससे स्पष्ट है कि जीएसटी सुधारों ने भारत की अर्थव्यवस्था में उपभोग और निवेश के बीच के संबंध को और मजबूत किया है।

