मोदी बोले —“जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करे,वह विचार और कर्म सबको छोड़ना चाहिए”— केवडिया में भाजपा प्रेसिडेंटीय एकता दिवस कार्यक्रम

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में आयोजित राष्ट्र-एकता दिवस कार्यक्रम में कहा कि आज का भारत सरदार पटेल की विचारधारा पर खड़ा है। उन्होंने इस अवसर पर 150वीं जयंती मना रहे सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए कहा कि आज 140 करोड़ भारतीय एक भारत, श्रेष्ठ भारत के संकल्प को नए जोश के साथ स्वीकार कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने बयान दिया कि स्वतंत्रता के बाद 550 से अधिक रियासतों का विलय करके सरदार पटेल ने ऐसा इतिहास रचा जिसे तत्कालीन समय में असंभव माना जाता था। उन्होंने कहा कि आज हर नागरिक के लिए जरूरी है कि वह राष्ट्र की एकता को कमजोर करने वाले विचार और कार्यों की निंदा करे।

मोदी ने यह भी कहा कि भारत आज Iron Man Sardar Patel की भावनाओं वाला देश है — वह उस भारत का निर्माण कर रहा है जो उसकी सुरक्षा और स्वाभिमान से समझौता नहीं करता। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने 2014 के बाद नक्सलवाद और माओवादी उग्रवाद को करारा झटका दिया है और राष्ट्र-एकता दिवस पर उनका संकल्प है कि कोई भी अंदरूनी घुसपैठ करने वाला व्यक्ति देश में टिक न सके।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज एक ऐसे युग में प्रवेश कर रहा है, जिसमें वह उपनिवेशी मानसिकता को पीछे छोड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज “Nation First” का भाव मजबूत है और देश अब उन विचारों का सम्मान कर रहा है जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभाई।

मोदी ने एकता की चार स्तंभों का ज़िक्र किया — सांस्कृतिक एकता, भाषाई एकता, समावेशी विकास, और मन के संपर्क को सशक्त करने वाली कनेक्टिविटी। उन्होंने कहा कि भारत के धार्मिक, भाषाई और सांस्कृतिक विविधता ने ही उसे एक जीवित राष्ट्र बनाए रखा है।

प्रधानमंत्री ने कहा,

“हम सिर्फ भौतिक विकास की बात नहीं कर रहे — भारत की आत्मा को नए युग में खड़ा करना है।”

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में भारत की सबसे बड़ी उपलब्धि पिछले ग्यारह सालों में माओवाद को कुचलना है। साथ ही उन्होंने कहा कि आज देश खुफिया, आर्थिक और तकनीकी मोर्चों पर एकता और मजबूती से आगे बढ़ रहा है।

इस मौके पर मोदी ने राष्ट्रपति को सौंपने वाली स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किए। समारोह में रन फॉर यूनिटी, परेड, संस्कृतिक कार्यक्रम और भारत भर से आए प्रतिनिधियों की भागीदारी रही।

प्रधानमंत्री ने इस प्रेरक कार्यक्रम को निखारते हुए लोगों को याद दिलाया कि सच्ची श्रद्धांजलि वही होगी जब हर नागरिक राष्ट्र के लिए हर दिन कार्य करेगा, विविधता में एकता को अपनाएगा और भारत को आत्मनिर्भर एवं प्रगतिशील राष्ट्र बनाएगा।