केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने राज्य की सत्तारूढ़ एलडीएफ और केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि एलडीएफ और भाजपाके बीच “गुप्त साझेदारी” है और दोनों अब “कॉरपोरेट पार्टियां” बन चुकी हैं।
कन्नूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह चुनाव केवल सत्ता का नहीं, बल्कि दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है—एक तरफ कांग्रेस-नीत यूडीएफ और दूसरी तरफ एलडीएफ। उन्होंने दावा किया कि भाजपा और वामपंथी दलों के बीच अप्रत्यक्ष समझ है, क्योंकि दोनों एक-दूसरे के खिलाफ सख्त कार्रवाई से बचते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर केरल के मुख्यमंत्री वास्तव में भाजपा के खिलाफ होते, तो उनके खिलाफ भी केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई होती। उन्होंने अपने उदाहरण का हवाला देते हुए कहा कि उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए, लोकसभा सदस्यता रद्द की गई और एजेंसियों ने लंबी पूछताछ की, जबकि केरल सरकार के खिलाफ ऐसा कुछ नहीं दिखता।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय समझौतों के जरिए भारत के कृषि और ऊर्जा हितों से समझौता किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वैश्विक हालात, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव, आने वाले समय में महंगाई और ईंधन संकट को बढ़ा सकते हैं।
साथ ही राहुल गांधी ने यूडीएफ की ओर से कई चुनावी वादों की घोषणा की। इनमें महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, छात्राओं को मासिक आर्थिक सहायता, युवाओं को बिना ब्याज ऋण, वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन में बढ़ोतरी और हर परिवार को स्वास्थ्य बीमा देने जैसे प्रस्ताव शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि केरल की परंपरा भाईचारे, प्रेम और सहिष्णुता की रही है और यूडीएफ इसी मूल्यों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। राहुल गांधी ने दावा किया कि राज्य में बढ़ती बेरोजगारी और आर्थिक चुनौतियों से निपटने के लिए उनकी पार्टी बेहतर विकल्प है।
केरल में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, जहां मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ एलडीएफ और कांग्रेस-नीत यूडीएफ के बीच माना जा रहा है।

